लेह को चीन का हिस्सा दिखाने वाले मुद्दे को लेकर ट्विटर पर विवाद, ट्विटर के संसदीय समिति ने मांगी माफ़ी

लेह को चीन का हिस्सा दिखाने वाले मुद्दे को लेकर ट्विटर पर विवाद, ट्विटर के संसदीय समिति ने मांगी माफ़ी

DESK लेह को चीन का हिस्सा दिखाने वाले मुद्दे पर माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने संसदीय समिति के माफी मांगी है. ट्विटर को चेतावनी देते हुए कहा गया  इस कदम के लिए उसे राजद्रोह जैसे आरोपों का सामना भी करना पड़ सकता है. इसी के बाद अमेरिकी कंपनी ने भी कदम उठाया है.

क्या था मामला 

ट्विटर ने 18 अक्टूबर को लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान अपने प्लेटफॉर्म पर लेह की जियो टैग लोकेशन चीन में दिखाई थी. ये ऐसे वक़्त में हुआ, जब भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हैं. ट्विटर की इस हरकत का भारत में काफी विरोध हुआ. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने इस बारे में ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ जैक डोर्सी को कड़े शब्दों में चिट्ठी लिखी. इसमें कहा कि लेह केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है. लद्दाख और जम्मू-कश्मीर भारत के अभिन्न अंग हैं, जो भारत के संविधान द्वारा शासित हैं. सोशल साइट को भारत के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.

इसके बाद, मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी ने इस पर संज्ञान लिया था. ट्विटर से लिखित में सफ़ाई और एफिडेविट देने को कहा था. पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 के रिव्यू के लिए बनी इस संसदीय संयुक्त समिति ने ट्विटर को चेतावनी भी दी थी कि इस तरह की हरकत के लिए राजद्रोह का केस भी चलाया जा सकता है.

 मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली संसदीय संयुक्त समिति ने ट्विटर को दी सख्त चेतावनी

इसके बाद, ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी और कम्युनिकेशन टीम से शगुफ़्ता कामरान, आयुषी कपूर, पल्लवी वालिया और मानविंदर बाली कमिटी के सामने हाज़िर हुए. उनसे आईटी सचिव को लिखी गई ट्विटर की चिट्ठी से सम्बंधित सवाल  पूछे गए, जिसमें लिखा था कि कंपनी भारतीय संवेदनाओं का सम्मान करती है. पैनल ने उनसे कहा कि ये सिर्फ संवेदनाओं का नहीं बल्कि भारत की सम्प्रभुता और अखंडता का मसला है.कमिटी की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने कहा कि भारत के मानचित्र को गलत तरीके से दर्शाना राजद्रोह है. इसके लिए सात साल की कानूनन सज़ा भी मुक़र्रर है. उन्होंने कहा,

जो भी कंपनियां भारत में व्यापार करती हैं, उन्हें यहां के क़ायदे-क़ानून के हिसाब से ही चलना होगा.उनकी अपनी मनमानी और मर्जी नही चलेगी.

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