बिहार के एक एमएलसी ने की मांग :शराबबंदी हटाने पर विचार करें सीएम नीतीश, कोरोना संकट में शराब की बिक्री बन सकती है बिहार के लिए संजीवनी

बिहार के एक एमएलसी ने की मांग :शराबबंदी हटाने पर विचार करें सीएम नीतीश, कोरोना संकट में शराब की बिक्री बन सकती है बिहार के लिए संजीवनी

PATNA : बिहार के एक एमएलसी को राज्य में लगातार घट रहे राजस्व की चिंता सता रही है। खासकर कोरोना काल मे लगे लॉक डाउन की वजह से राज्य को हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर बिहार के एक एमएलसी ने चिंता जाहिर करते हुए सीएम नीतीश से शराबबंदी पर पुनर्विचार का आग्रह किया है । एमएलसी साहब का कहना है की भारी संख्या में प्रवासी मजदूर बिहार आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राजस्व घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है ।इस स्थिति में सीएम नीतीश कुमार को एक बार फिर से शराब की बिक्री शुरू करने पर विचार करना चाहिए ताकि सरकार को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई की जा सके।

MLC संतोष मांझी शराब की बिक्री को लेकर हुए संवेदनशील

एमएलसी संतोष मांझी ने news4nation से बातचीत में बताया है कि बिहार सरकार ने 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया था। उसके बाद से लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है ।2019 के बजट में भी शराबबंदी की वजह से राजस्व का भारी नुकसान दिखाया गया है। आज देश सहित कई सारे राज्य भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। लॉक डाउन में सारे उद्योग धंधे ठप्प पड़ गए हैं।

बिहार सरकार को भी काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ बिहार से बाहर कमाने वाले लोग भी अपने घर वापस आ रहे हैं। इसलिए भविष्य में बिहार को विकास की पटरी पर सुगमता से दौड़ाने के लिए सीएम नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून पर पुनर्विचार करना चाहिए। ताकि 7 से 8 हजार करोड़ रुपए के हो रहे नुकसान की भरपाई की जा सके। यहां भी अन्य राज्यों की तरह शराब की बिक्री पर लगा प्रतिबंध अविलंब हटाना चाहिए। ताकि वर्तमान परिस्थितियों में आर्थिक नुकसान झेल रहे राज्य को शराब की बिक्री से होने वाले राजस्व प्राप्ति से आर्थिक संजीवनी मिल सके।

अब एमएलसी साहब का शराब की बिक्री के प्रति संवेदनशील होकर सीएम साहब से आग्रह   करना कितना सार्थक हो पाता है यह तो समय बातएगा लेकिन संतोष मांझी ने अपना शराब की बिक्री बनाम राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य को मजबूत करने वाल फॉर्मूला फेंक दिया है ।

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