'चिरैया' के बीजेपी MLA के खिलाफ वोटरों में भारी नाराजगी, BJP की सर्वे रिपोर्ट में भी कैंडिडेट नहीं बदलने पर सीट फंसने का चांस

'चिरैया' के बीजेपी MLA के खिलाफ वोटरों में भारी नाराजगी, BJP की सर्वे रिपोर्ट में भी कैंडिडेट नहीं बदलने पर सीट फंसने का चांस

PATNA: बिहार में विधान सभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।सभी दल के दिग्गज चुनावी तैयारी में लगे हुए हैं। इन सब के बीच सीटिंग विधायकों को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी भी है। नाराजगी ऐसी है कि कई इलाकों में तो वोटरों ने सबक सीखाने की ठान ली है। स्थानीय लोग सत्ताधारी विधायक को खोज रहे लेकिन विधायक जी गांव में जाने से कतरा रहे।बीजेपी के एक विधायक के खिलाफ क्षेत्र में भारी आक्रोश है।सर्वे रिपोर्ट में भी नाराजगी की बात कही गई है।

विधायक को सबक सीखाने की तैयारी

हम बात कर रहे हैं पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया विधान सभा क्षेत्र की।यहां से बीजेपी के विधायक लालबाबू गुप्ता हैं।2015 में यहां से बतौर बीजेपी प्रत्याशी चुनाव जीते थे।बीजेपी के लालबाबू गुप्ता को 62831 मत मिले थे जबकि राजद कैंडिडेट लक्ष्मी नारायण यादव को 58457 वोट मिले थे.इस तरह से करीब साढ़े चार हजार से बीजेपी प्रत्याशी की जीत हुई थी। 

लेकिन पांच सालों के दरम्यान स्थानीय विधायक को लेकर क्षेत्र में भारी गुस्सा है।लोग इस बार विधायक को सबक सीखाने के लिए तैयार बैठे हैं।  चिरैया विधान सभा क्षेत्र के किसी खास इलाके में नहीं बल्कि पताही और चिरैया दोनो ब्लॉक के मतदाता भाजपा विधायक से खासे नाराज हैं.विधायक से आम मतदाता तो नाराज हैं हीं उनकी पार्टी और सहयोगी दल के अधिकांश कार्यकर्ता खार खाये हुए हैं।

उम्मीदवार नहीं बदला परिणाम उलट हो सकता है-वोटर

न्यूज4नेशन ने जब उस इलाके के लोगों का मूड़ भांपा तो यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा विधायक के खिलाफ ऐसी नाराजगी है जिसे चाहकर भी भरा नहीं जा सकता है।स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि विधायक का क्षेत्र में कोई वजूद नहीं है,विधायक जी सिपाही को भी सैल्यूट करते फिरते हैं और इनकी बात को चपरासी तक नहीं मानता है।ऐसे में क्या फायदा जब विधायक हमारी कोई मदद ही नहीं करे।वर्तमान विधायक से अच्छा तो पूर्व विधायक ही हैं जिनके बात की अहमियत आज भी है।

बीजेपी की ग्राउंड लेवल सर्वे भी विधायक के खिलाफ

ऐसा नहीं कि विधायक की नाराजगी की भनक बीजेपी नेतृत्व को नहीं है...।बीजेपी की तरफ से जो सर्वे कराया गया है उसमें विधायक के खिलाफ भारी नाराजगी की बात कही गई है। जानकार बताते हैं कि नेतृत्व की तरफ से कराये गए ग्राउंड लेवल सर्वे में यह कहा गया है कि सीटिंग विधायक के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। आम वोटरों की बात छोड़िए पार्टी के स्थानीय नेताओं में भी विधायक को लेकर भारी असंतोष है। सर्वे में यह बताय़ा गया है कि कि अगर पार्टी यहां सीटिंग विधायक लालबाबू गुप्ता का पत्ता साफ नहीं करती है तो सीट गंवाने का चांस अधिक है।अब देखने वाली बात होगी कि ग्राउंड लेवल सर्वे में विधायक के खिलाफ भारी असंतोष वाली रिपोर्ट के बाद पार्टी नेतृत्व क्या कदम उठाती है।

Find Us on Facebook

Trending News