निषाद समाज की पहचान बन चुके हैं मुकेश सहनी, अपने जनाधार के बारे में सोचें मुजफ्फरपुर के सांसद : वीआईपी

निषाद समाज की पहचान बन चुके हैं मुकेश सहनी, अपने जनाधार के बारे में सोचें मुजफ्फरपुर के सांसद : वीआईपी

PATNA : भाजपा सांसद अजय निषाद जी का बड़बोला पन जग जाहिर है, वे अपनी उलजुलूल की बातों के लिए ही मशहूर हैं। अपने पिता के बलबूते राजनीति कर रहे हैं, उनका अपना कोई जनाधार नही हैं, निषाद समाज का एक भी आदमी उनको अपना नेता नहीं मानता, उन्होंने आज तक किसी का भला नहीं किया, वैसे भी जो आदमी अपने समाज का नही हुआ ,  वो क्या बात करेगा, कोई मुंह है क्या, उनके पास निषाद समाज को दिखाने के लिए? यह कहना है बिहार सरकार में शामिल विकासशील इंसान पार्टी का।

राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने बयान जारी कर कहा कि " सन ऑफ मल्लाह" मुकेश सहनी जी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता श्री जीतन राम मांझी जी के लिए जिस तरह के भाषा का उपयोग उन्होंने किया है, इससे उनकी रुग्ण मानसिकता साफ झलकती है, खुद तो कुछ कर नहीं पाए, अपने पिता के बलबूते अपनी राजनीति चमका रहे हैं, सांसद की कुर्सी पर बैठकर ऐसी बातें करना, क्या शोभनीय है, इतना भी ज्ञान उनको नही हैं।

देश में निषाद समाज की पहचान बन चुके हैं मुकेश सहनी

" सन ऑफ मल्लाह" मुकेश सहनी जी आज सिर्फ बिहार की ही नही बल्कि पूरे भारत में निषाद समाज की आवाज़ को बुलंद कर रहे हैं, बिहार में उन्होंने निषाद समाज के लिए कितना काम किया है और लगातार कर रहे हैं। उन्होंने " मछुवारा भाइयों के लिए, बीमा, उनके लिए ट्रेनिंग सेंटर खुलवाना, उनके लिए रोजगार की वव्यस्था करना, पिछले एक साल में निषाद समाज के लिए उन्होंने जितना काम किया है, कभी इन कामों की भी चर्चा माननीय सांसद महोदय अजय निषाद जी को करना चाहिए, सिर्फ नकारात्मकता की राजनीति करने से उनको फुरसत नहीं है, वैसे भी  अजय निषाद जी वर्षों से अपने फिजूल की बातों के लिए मशहूर हैं, यह बात तो मीडिया के सभी साथी भी जानते हैं।

निषाद को आरक्षण दें तो बिना शर्त समर्थन

" सन ऑफ मल्लाह" मुकेश सहनी जी उत्तर प्रदेश में ना तो अपने लिए गद्दी मांग रहे हैं, और ना ही उनका अपना कोई स्वार्थ हैं, उनकी मांग अपने समाज के लिए "आरक्षण" को लागू करवाने की है, वीआईपी पार्टी अजय निषाद जी से यह मांग करती हैं कि वे उत्तरप्रदेश में योगी जी को बोलकर "निषाद समाज के लिए आरक्षण लागू करवा दें, तो वीआईपी पार्टी उत्तरप्रदेश में भाजपा को समर्थन दे देगी।


निषाद समाज का भला नहीं चाहते अजय निषाद

लेकिन वीआईपी पार्टी यह भी भलीभांति जानती है कि अजय निषाद जी ऐसा कुछ नहीं करने वाले, क्योंकि उनको निषाद समाज की भलाई से कोई लेना-देना नहीं है, सिर्फ बेतुकी बातों से लाइमलाइट में बने रहना," यही उनका मुख्य एजेंडा हैं। पिछले कई वर्षों से अपने मानसिक रुग्ण होने का सबूत वे खुद देते आए हैं, "कभी किसी खास जमात के लोगो को आतंकवादी घोषित कर देना, कभी चमकी बुखार जैसे गंभीर बीमारी को गरीबों की बीमारी बता देना, ऐसी कितने ही सबूत मीडिया के पास भी है। खुद मीडिया ने ही उन्हें उनके बेतुकी बातें के वजहों से बहुत बार ट्रोल किया है।

बोचहां में वीआईपी ही लड़ेगी चुनाव

वीआईपी पार्टी आज निषाद समाज की आवाज़ हैं, उनके हक और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। बिहार में बोचहां विधानसभा सीट से वीआईपी पार्टी ही चुनाव लड़ेगी और जीतेगी भी और आने वाले उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी 165 सीटों वीआईपी पार्टी पर पूरे दमखम के साथ अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी और "आरक्षण" भी लेकर रहेगी। जहां तक बिहार के राजनीति की बात हैं, वीआईपी पार्टी और हम पार्टी के समर्थन से सरकार चल रही हैं यह बात " अजय निषाद जी को पता हैं या नहीं इस बात पर भी संदेह है, क्योंकि अजय निषाद जी का मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह से बिगड़ गया है, उनको मनोचिकित्सक की आवश्यकता  हैं, उनका हाल " बिन पेंदी के लोटे जैसा हो गया है। आने वाले समय यानी 2024 में वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार ही मुजफ्फरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद बनेंगे, यह भी अभी से तय हैं। अजय निषाद जी जैसे लोग " ईर्ष्या" की भावना से ग्रसित हैं, आने वाले समय में ऐसे लोगो को जवाब निषाद समाज खुद दे देगा, इनकी न कोई अपनी पहचान हैं, और न ही कभी बन पाएगी।

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