नीतीश जी,मेवालाल के 'दाग' अच्छे हैं क्या? आखिर यह कैसी विवशता है जिसने आपकी यूएसपी का ही बेड़ा गर्क कर दिया....

नीतीश जी,मेवालाल के 'दाग' अच्छे हैं क्या? आखिर यह कैसी विवशता है जिसने आपकी यूएसपी का ही बेड़ा गर्क कर दिया....

पटनाः हिंदुस्तान की राजनीति में बेदाग चरित्र का चोला ओढ़कर जब नीतीश कुमार ऐलान किया करते थे कि हम करप्शन के साथ समझौता नहीं करते तो कुछ विरोधी भी इसे आसानी से पचा लेते थे।जनता का एक तबका नीतीश कुमार पर आंख मूंदकर इस मामले में विश्वास करता था। इसका अहसास तब हुआ जब  जीतन राम मांझी ने नवंबर 2005 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली थी और 24 घंटे के अँदर ही  जीतनराम मांझी को बाहर का दरवाजा दिखा दिया गया था। मांझी पर भी एक आरोप था और केस लंबित था। मांझी शपथ लेकर घर ही पहुंचे थे कि नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने को कहा और आखिरकार उन्हें इस्तीफा करना पड़ा था।इसी तरह परिवहन मंत्री रामानंद सिंह को भी भ्रष्टाचार का एक मामूली दाग लगने के बाद मंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देना पड़ा था। उस दौरान नीतीश कुमार ने कहा था कि चाहे पंद्रह हौज खरीदने का मामला हो या फिर पंद्रह हजार,दाग तो दाग होता है.....।रामानंद सिंह कहते रह गए थे कि यह हमारे विरोधियों की साजिश है लेकिन नीतीश कुमार भला कहां मानने वाले थे और उन्होंने इस्तीफा ले ही लिया। यही हाल मंजू वर्मा का भी रहा।बालिका गृह कांड में दूर-दूर तक नाम नहीं होने के बाद भी मंत्री पद ले लिया गया ।लेकिन अब घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपी को पता नहीं किसके दबाव में शिक्षा मंत्री बना दिया गया और नीतीश कुमार की यूएसपी की हवा निकल गई। हैरानी की बात तो यह कि पार्टी के मुखिया से लेकर प्रवक्ता तक भ्रष्टाचार पर भाषण देने वाले एक शब्द भी नहीं बोल रहे।मानो मेवालाल के नाम पर उन्हें सांप सूंघ गया हो।

नीतीश कुमार के मंत्री मेवालाल पर घोटाले के गंभीर आरोप

जेडीयू के विधायक और अब शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और बिहार की निगरानी जांच ब्यूरो ने केस दर्ज कराया था उनको भी मंत्री पद से सम्मानित किया गया है। जेडीयू के विधायक और वर्तमान में मंत्री पद की शपथ ले चुके मेवालाल चौधरी 2010-15 के बीच में सबौर कृषि विवि में वाइस चांसलर थे। इन पर जूनियर वैज्ञानिक की बहाली में धांधली और भवन निर्माण में घपला के गंभीर आरोप हैं। मामला सामने आने के बाद बिहार में काफी हाय-तौबा मची थी। बिहार में नीतीश सरकार की फजीहत होने के बाद इस मामले की निगरानी ब्यूरो से जांच कराई गई। निगरानी ब्यूरो की जांच में आरोप प्रमाणित हुए इसके बाद मेवालाल चौधरी पर स्पेशल विजिलेंस ने 2017 में केस दर्ज किया था और भागलपुर के सबौर थाने में भी 2017 में केस दर्ज हुआ था. जदयू के विधायक मेवालाल चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 46,7 468, 471 और 120 बी के तहत भ्रष्टाचार के मुकदमा दर्ज है। इनके खिलाफ अभी भागलपुर के एडीजे-1 की अदालत में मामला लंबित है।

मुंह छुपाते फिर रहे जेडीयू के नेता

अब भला सोचिए....जेडीयू के नेता किस मुंह से तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगायेंगे। कभी अपने मंत्रिमंडल के साथियों पर सिर्फ छींटे पड़ने पर इस्तीफा लेने वाले नीतीश कुमार ने इस बार बड़े घोटाले के आरोपी को मंत्री बनाकर यह बता दिया कि अब उके लिए भ्रष्टाचार कोई मायने नहीं।चूंकि नीतीश कुमार सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लिये हैं तो आरोप भी उन्हें स्वीकार करना होगा।

नाखुश हैं नीतीश

राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि आखिर सीटों के मामले में विधायकों के मामले में बेहद कमजोर हो चुके नीतीश कुमार क्या भ्रष्टाचार के सिद्धांत को लेकर भी अब संवेदनशील नहीं रहे। चर्चा गरम है कि मेवालाल को लेकर उन्हीं की पार्टी के एक बड़े नेता ने जिद्द ठान दी। फिर चुनाव परिणाम से निराश नीतीश कुमार अपने बड़े नेता की भ्रष्टाचारी जिद्द मानने पर विवश हो गए। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यह कैसी विवशता है कि जो किसी की यूएसपी की ही बेड़ा गर्क कर रहा हो। गौरतलब है कि विपक्ष उस बड़े नेता को टारगेट कर पहले भी उके नाम की टैक्स लिये जाने का आरोप लगाते रहा है। इसके बावजूद नीतीश कुमार अपने ही भ्रष्टाचार विरोधी चरित्र वाले वजूद को  क्यों खत्म करना चाह रहे....।यह तो वही बतायेंगे लेकिन यह कहा जा रहा है कि इस मामले को लेकर नीतीश बेहद नाखुश हैं.

तेजस्वी पर आरोप लगने पर सफाई देने का बहाना बना बदल लिया था पाला

तेजस्वी यादव पर जब भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे तो यही नीतीश कुमार अपने कैबिनेट सहयोगी तेजस्वी यादव से पब्लिक डोमेन में जाकर अपनी बात रखने को कहा था। नीतीश कुमार ने कहा था कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अपने उपर लगे आरोपों की सफाई देनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने जब ऐसा नहीं किया तो यही नीतीश कुमार रातों-रात पाला बदलकर बीजेपी के खेमे में चले गए और फिर से भाजपा के सहयोग से सरकार बना ली।

रामानंद सिंह से भी लिया था इस्तीफा

सिर्फ तेजस्वी यादव के साथ ही नहीं बल्कि कई अन्य मंत्रियों पर जब भ्रष्टाचार के छींटे पड़े तो तत्काल उनसे इस्तीफा ले लिया। 2009 में घटिया पाइप खरीद के मामले में फंसे परिवहन मंत्री रामानन्द प्रसाद सिंह को मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देना पड़ा था। मीडिया में अधिक कीमत पर घटिया क्वालिटी की पाइप खरीदने के आरोप वाली खबर सामने आई इसी के बाद उन्होंने एक अणे मार्ग जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने इस्तीफा सौंपा था। रामानंद सिंह के इस्तीफे के बाद सत्ता के गलियारे में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया था।सिंह से इस्तीफा लेकर नीतीश कुमार ने एक बार फिर यही साबित किया था कि मंत्रिमंडल में दागियों के लिए कोई जगह नहीं है।  

मांझी को भी मंत्रिमंडल से किया था बाहर

नीतीश कुमार ने नवम्बर, 05 में जब शपथग्रहण  किया था उसके 24 घंटे के भीतर ही जीतनराम मांझी को बाहर का दरवाजा दिखा दिया था।मांझी पर भी एक आरोप था और केस लंबित था। मांझी शपथ लेकर घर ही पहुंचे थे कि नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने को कहा था और आखिरकार उन्हें इस्तीफा करना पड़ा था।

मंजू वर्मा से भी ले लिया था इस्तीफा

अभी करीब डेढ़ साल पहले नीतीश कैबिनेट के एक और मंत्री मंजू वर्मा पर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में नाम आये बिना ही इस्तीफा ले लिया था। पुलिस ने जब इनके घऱ में छापेमारी की तो गोलियां बरामद की गई थी। भला नीतीश कुमार इसे कैसे बर्दाश्त करते और मंजू वर्मा को मंत्री के साथ-साथ पार्टी से निलंबित भी कर दिया था।

सीएम नीतीश ने भ्रष्टाचार के आरोपी को मंत्री बना दिया सम्मान

इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता ने जब कमजोर कर दिया और तीसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया इसके बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमजोर हो गए हैं। तभी तो भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं करने वाले शख्स ने एक ऐसे विधायक को मंत्री बना दिया जिसपर भ्रष्टाचार और बहाली में फर्जीवाड़ा के गंभीर आरोप हैं। सीएम नीतीश ने घोटाले के आरोपी मेवालालस चौधरी को मंत्री बनाकर सम्मानित कर दिया। 

तेजस्वी का नीतीश पर अटैक

तेजस्वी यादव मेवालाल के बहाने नीतीश कुमार पर हमला कर रहे हैं. तेजस्वी ने ट्वीट ने कहा क भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगौडे आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया। अल्पसंख्यक समुदायों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया। सत्ता संरक्षित अपराधियों की मौज है। रिकॉर्डतोड़ अपराध की बहार है। कुर्सी ख़ातिर Crime, Corruption और Communalism पर मुख्यमंत्री जी प्रवचन जारी रखेंगे।


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