सड़क दुर्घटना की वजह गाड़ियों का तेज रफ्तार, वहीं हाई स्पीड मापने के लिये सिर्फ 43 स्पीड गन

सड़क दुर्घटना की वजह गाड़ियों का तेज रफ्तार, वहीं हाई स्पीड मापने के लिये सिर्फ 43 स्पीड गन

patna. बिहार में सड़क हादसों की बड़ी वजह गाड़ियों की तेज रफ्तार है यह बिहार के परिवहन मंत्री का भी मानना है लेकिन गाड़ियों की रफ्तार मापने के लिए राज्य में पुलिस के पास सिर्फ 43 से स्पीड गन ही उपलब्ध है.. परिवहन मंत्री ने विधानसभा सदस्य अरुण शंकर प्रसाद के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब देते हुए यह उपरोक्त बातों को स्वीकार किया।

मामले में सदन में विधायक अरुण शंकर प्रसाद के सवालों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि  बिहार राज्य में एनएच और एसएच की सड़कों की लम्बाई 9425 किमी है। परिवहन विभाग के अनुसार 90 हजार छोटी-बड़ी गाड़ियां निबंधित हैं। सड़क हादसों की बड़ी वजह गाड़ियों की तेज रफ्तार है। ज्यादातर दुर्घटनाएं इसी के चलते होती हैं। गाड़ियों की रफ्तार मापने के लिये राज्य में पुलिस के पास कुल 43 स्पीड गन ही उपलब्ध हैं। मात्र 43 स्पीड गन की बदौलत करीब साढ़े नौ हजार किलोमीटर सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार को मापना मुमकीन नहीं है । रफ्तार मापने के लिये इंटरसेप्टर व्हीकील में स्पीड गन उपलब्ध नहीं हैं। सड़क दुर्घटनायें बहुत हो रही हैं। अतएव गाड़ियों की रफ्तार मापने के लिए आवश्यकतानुसार स्पीड गन की संख्या में वृद्धि कर सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु हम सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हैं।

उन्होंने बताया कि 2018 में ओवर स्पीड के कारण 84 फीसदी दुर्घटनाएं हुई हैं। वहीं 2019 में यह घटकर 51 प्रतिशत तक आ गई। परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार दुर्घटनाओं में कमी लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान विपक्ष की तरफ से पूछा गया कि क्या सरकार को नहीं लगता कि बिहार की सड़कों की लंबाई के आधार पर स्पीडगन की संख्या कम है, सरकार स्पीड गन के विकल्प के तौर पर क्या व्यवस्था कर रही है, इसकी जानकारी मांगी गई।

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