पटना हाईकोर्ट ने शेरशाह मकबरे के तालाब में पानी पहुंचानेवाले नाले को लेकर की सुनवाई, राज्य सरकार से माँगा जबाव

पटना हाईकोर्ट ने शेरशाह मकबरे के तालाब में पानी पहुंचानेवाले नाले को लेकर की सुनवाई, राज्य सरकार से माँगा जबाव

PATNA : सासाराम के ऐतिहासिक महत्व के धरोहर शेरशाह के मकबरे के आसपास बड़े तालाब में स्वच्छ और ताज़ा पानी आने के लिए बनाया गए नाले बंद होने के मामलें पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 4 सप्ताह में राज्य सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया।


कोर्ट ने प्राची पल्लवी को इस जनहित की सुनवाई में कोर्ट की मदद करने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया हैं। कोर्ट ने कहा कि ये ऐतिहासिक धरोहर है,जिसकी सुरक्षा और देखभाल करना आवश्यक हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर ने कोर्ट को बताया कि सासाराम स्थित शेरशाह का मकबरा राष्ट्रीय धरोहर हैं। इसके तालाब में साफ और ताज़ा पानी जाने के लिए वहां तक नाले का निर्माण किया गया। 2018 से 2020 तक सिर्फ पचास फीसदी नाले का काम हुआ। इसे बाद में खराब माना गया। इसमें लगभग आठ करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसमें काफी अनियमितताएं बरती गई, जिसकी जांच स्वतन्त्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि ये नाला कूड़ा से भरा पड़ा है। जिस कारण शेरशाह के मकबरे के तालाब में साफ पानी नहीं पहुँच पाता है। वह तालाब गंदा और कचडे से भरा हुआ है। वहां जो पर्यटक आते है,उन्हें ऐसी हालत देख कर निराशा होती है। इस मामलें पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी।

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