पटना हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, अतिक्रमणकारियों से खाली कराई जाए पटना मुख्य नहर बांध व चार्ट भूमि

पटना हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, अतिक्रमणकारियों से खाली कराई जाए पटना मुख्य नहर बांध व चार्ट भूमि

पटना. पटना हाईकोर्ट ने पटना मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अतिक्रमणकारियों को पूरा अतिक्रमित भूमि खाली करनी होगी। कोर्ट अतिक्रमणकारियों की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय देने का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए इस मामले पर आगे की सुनवाई के लिए आगामी 5 दिसंबर, 2022 की तिथि निर्धारित किया है। 

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को ये पूरी जमीन को हर हाल में खाली करना होगा। कोर्ट को भी सहानुभूति है, लेकिन इस सरकारी जमीन को खाली करना होगा। इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में ही कोर्ट ने दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया था। उक्त नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने भी स्वीकार किया है। 

सम्बंधित अंचलाधिकारी ने 5 मई, 2022 को ही कोर्ट को स्वयं बताया था कि अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा। सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया। 


सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है। कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके। इस मामले पर 5 दिसंबर,2022 को अगली सुनवाई की जाएगी।


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