पटना के सैदपुर और राजेंद्रनगर इलाके के हॉस्टलों में अभी भी फंसे है 10 हजार से ऊपर छात्र

पटना के सैदपुर और राजेंद्रनगर इलाके के हॉस्टलों में अभी भी फंसे है 10 हजार से ऊपर छात्र

PATNA: न बिजली है न पानी है और न खाने का कोई सामान ।पहला तल्ला गंदे पानी की गिरफ्त में है और सांस अटकी पड़ी है ।बता दें कि सैदपुर और बाजार समिति के इलाके में हजारों छात्र जीवन को धार देने के लिए छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते हैं ।लेकिन फिलहाल आफत बनकर आई बारिश ने उनकी जिंदगी को जंग बना दिया है ।सरकार भी जानती है कि पटना के इन इलाकों में जहां पहला तल्ला पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।

 हजारों छात्र रहते हैं हालांकि सैकड़ों छात्रों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है ।कई अपने गांव चले गए हैं तो कईयों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली है। फोन कॉल्स इन इलाकों से लगातार आ रहे हैं कि हॉस्टल में फंसे छात्र छात्राओं को बचा लिया जाए या फिर उन्हें सुविधा मुहैया कराया जाए ।

हालांकि देखा गया कि पुलिस और एनडीआरएफ की टीम लगातार स्थानीय युवाओं के साथ रेस्क्यू में लगी है लेकिन संख्या इतनी ज्यादा है कि सभी को रेस्क्यू करना इतना भी आसान नहीं। जिला प्रशासन ने तय किया है कि आज से राजेंद्र नगर और सैदपुर इलाके में घर-घर दूध और पानी पहुंचाया जाएगा। वहीं राहत सामग्री गिराने के लिए राज्य सरकार ने वायु सेना से दो हेलीकॉप्टर भी मांगे गए हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि 25 हजार लोगों को जलमग्न इलाकों से बाहर निकाला गया है।

 साथ ही छह जगह पर रिलीफ कैंप भी लगाया जाए गया है। इसी तरह 4 जगहों पर लिट्टी चोखा कैंप भी लगाया गया है। जहां लोग जाकर पेट की भूख मिटा सकते हैं ।कुल मिलाकर सरकार दावे तो कर रही है लेकिन परिस्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर है। जिन मुहल्लों में 5 से 6 फीट पानी भर आया है तो जिंदगी कितना दूभर हो गया होगा इसका अनुमान सहजता से लगाया जा सकता है

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