कोरोना के नाम पर मरीज को लूट रहा पटना मेडिसिटी अस्पताल, डॉक्टर और प्रशासक सहित 6 लोगों पर केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला

कोरोना के नाम पर मरीज को लूट रहा पटना मेडिसिटी अस्पताल, डॉक्टर और प्रशासक सहित 6 लोगों पर केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला

पटना : कोरोना मरीज लगातार निजी अस्पतालों की मनमर्जी का शिकार हो रहे हैं. मरीजों के परिजन को बुखार की दवा, विटामिन सप्लीमेंट और पीपीई किट के नाम पर मोटा बिल थमाया जा रहा है. यहां तक की मरीज भर्ती करने से पहले एडवांस में पैसे लिये जा रहे हैं. इस तरह का मामला पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के चित्रगुप्त नगर योगीपुर के पास एक निजी अस्पताल का है. जहां कोरोना के इलाज के नाम पर 7 लाख वसूलने पर पटना मेडिसिटी अस्पताल के डॉक्टर और प्रशासक सहित 6 पर केस दर्ज किया गया है. 

क्या है पूरा मामला

दरअसल सारण जिले के दिघवाड़ा थाना इलाके के बसंतपुर गांव के रहने वाले विप्लव भगत ने पत्रकार नगर थाने में लिखित शिकायत में कहा है कि उनके कोरोना पॉजिटिव पिता वीरेंद्र भगत के इलाज के नाम पर अस्पताल ने उनसे 7 लाख रूपये बसूले. इसके बाद जब इलाज में लापरवाही के बाद उनके पिता का देहांत हो गया. जब अस्पताल ने और 4 लाख मांगे. पैसे नहीं देने पर शव को बंधक बना लिया. और मारपीट की. इस पूरे मामले पर थानेदार प्रमोद कुमार ने कहा है कि छानबीन के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. 

वहीं विप्लव भगत की मानें तो, पिता की मौत के बाद अस्पातल 4 लाख और की डिमांड कर रहा था. पैसे नहीं देने पर मारपीट की गई. मेरे पैकेट से 30 हजार रूपये छीन लिए गए. मेडिसिटी अस्पताल को कोविड की जांच की अनुमति नहीं है. जो बिल अस्पताल द्वारा थमाया गया उसमें दवा का 1 लाख 9 हजार, इलाज के दौरान इस्तेमाल कुल पीपीई किट का दाम- 1 लाख 38 हजार , स्पेशल नर्सिंग चार्ज-60 हजार, 12 हजार आईसीयू चार्च प्रति दिन, ऑक्सिजन का 56 हजार, इमरजेंसी ट्रीटमेंट चार्च- 48 था. 

बता दें कि अस्पताल के तरफ से भी मृतक के बेटे और अन्य पर मारपीट और लूटपाट करना का मामला दर्ज कराया गया है. 


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