BIHAR NEWS : पाक्सो स्पेशल कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई 10 साल की सजा, 76 हज़ार रूपये का लगाया अर्थदंड

BIHAR NEWS : पाक्सो स्पेशल कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई 10 साल की सजा, 76 हज़ार रूपये का लगाया अर्थदंड

VAISHALI : जिले में पॉस्को की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को 5 वर्ष पूर्व 8 वर्षीय नाबालिग व मासूम बच्ची के साथ रेप के मामले में आरोप सिद्ध अभियुक्त को 10 वर्ष कारावास व 76 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। एडीजे 6 व पोस्को कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा ने यह सजा सुनाई है। रेप मामले में भादवि की धारा 376 क्लोज टू आई में दोषी पाए गए अभियुक्त को 10 वर्ष की कारावास व 51 हजार अर्थदंड वहीं पॉस्को एक्ट की धारा के तहत भी 05 वर्ष कारावास व 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। दोनों ही मामले में सजा साथ-साथ चलेगी। कुल जुर्माना की राशि 76 हजार पीड़ित बच्ची को देना है। दोनों राशि का भुगतान न करने पर 1 वर्ष 6 महीना कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा रेप पीड़िता को राज्य सरकार द्वारा देय 7 लाख रुपया भी दिया जाएगा। उनमें से 85 परसेंट राशि बच्ची के नाम से फिक्स किया जाएगा एवं 15 परसेंट की राशि से बच्ची की देखभाल का भी आदेश दिया गया है। 

घटना 13 जनवरी 2017 को हुई थी। जिसका आवेदन पीड़िता की मां ने महिला थानाध्यक्ष को दिया था। महिला थानाअध्यक्ष ने घटना की जांच के बाद जब केस दर्ज नहीं किया तो पीड़िता की मां ने इसका लिखित कंप्लेन एसपी वैशाली को किया था। एसपी के आदेश पर 18 जनवरी वर्ष 17 को केस दर्ज किया गया था। केस में अभियोजन पक्ष ने कुल 6 गवाहियां कराकर अभियुक्त को सजा दिलाने की मजबूत आधार खड़ा किया। पोस्को कोर्ट के स्पेशल पीपी मनोज कुमार शर्मा ने बताया की वर्ष 10 में रोजगार की तलाश में कोलकाता से मुंबई जाने के क्रम में ट्रेन दुर्घटना में पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी। भाई एवं मां भी बुरी तरह घायल हो गए थे। उस समय बच्ची अपने मां के गर्भ में लगभग 2 माह की थी। वर्ष 15 तक मां एवं भाई का इलाज रेलवे द्वारा रेलवे हॉस्पिटल में कराया गया। रेलवे के तरफ से कंपनसेशन के तहत मां को रेलवे की तरफ से नौकरी दी गई थी। जन्म के बाद नगर थाना क्षेत्र में पीड़िता की मां रह रही थी। 


रेप की घटना के बाद घर वालों ने भी पीड़िता बच्ची की बेवा मां की मदद नहीं की। कारण की रेप करने वाला कोई और नहीं बच्ची की बुआ का बेटा ही था। मजबूरन महिला को परिवार-रिश्तेदार के दबाब से तंग आकर अपना पुश्तैनी घर छोड़ना पड़ा। महिला साहस दिखाते हुए रेपिस्ट को उसके किए की सजा मिले, इसलिए केस दर्ज कराया। घर छोड़कर रेलवे के सरकारी क्वार्टर में रहने चली आई। परिवार वालों ने फोन पर एवं क्वार्टर में आकर धमकी देने का सिलसिला जारी रखा। इसको लेकर एडीजे 6 ने एसपी वैशाली को पीड़िता के परिवार की सुरक्षा का भी आदेश दिया है। घटना के बारे में मां ने लिखित कंप्लेन किया था कि 13 जनवरी वर्ष 17 को बच्चों का स्कूल बंद था। दोनों बच्चों को अपनी मौसेरी बहन जिसे मां द्वारा बच्चों की देखभाल के लिए रखा गया था। 

घटना के समय देखभाल करने वाली मौसी स्नान कर रही थी। उसी समय रिश्ते का अपना बुआ का लड़का, लड़की को छत के ऊपर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने वाले युवक का नाम सद्दाम हुसैन उर्फ भिंडी है। सजा सुनने के बाद अभियुक्त की माँ बेहोश हो गयी। बता दें कि कोर्ट का फैसला सुनने अभियक्त की माँ व सारे रिश्तेदार आए हुए थे। पीड़िता की मां का साथ देने वाला रिश्तेदारों में कोई नहीं था। महिला के व्यक्तिगत जान-पहचान के व एक-दो स्टाफ ही थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद बाहर रिश्तेदारों के साथ खड़ी अभियुक्त सद्दाम उर्फ भिंडी की माँ दहाड़े मारकर रो पड़ी। रोते-रोते बेहोश हो गई। जेल पुलिस कस्टडी में सजायाफ्ता अभियुक्त भी अपनी करनी पर रो रहा था।

वैशाली से विकास महापात्रा की रिपोर्ट 

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