विधायक का पॉलिटिकल स्टंट : सरकारी व्यवस्था से नाराज विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा, गांधी मूर्ति के नीचे बैठे धरने पर

विधायक का पॉलिटिकल स्टंट :  सरकारी व्यवस्था से नाराज विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा, गांधी मूर्ति के नीचे बैठे धरने पर

पौने पांच साल तक क्षेत्र की सड़क की नहीं आई याद, चुनाव से पहले जनता की समस्याओं की आने लगी याद

LUCKNOW : यूपी में चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। जिसमें सरकारी व्यवस्था से नाराज होकर अमेठी के गौरीगंज विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश सिंह ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के सामने अपना इस्तीफा दिया। इस दौरान इस्तीफा देने के बाद जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा स्थित के नीचे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। 

यह बताया जा रहा है कारण

राकेश सिंह अपने विधानसभा की दो सड़कों के ना बनने से परेशान होकर इस्तीफा दिया है। बताया गया कि पिछले 3 सालों से राकेश सिंह लगातार अपनी विधानसभा की दो सड़कों की बनवाने की मुख्यमंत्री योगी से कर रहे थे। सीएम के निर्देश के बाद यहां के अधिकारिओं ने कोई सुनवाई नहीं की। राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि माननीय सभापति के सामने 7 विधायकों की समिति पेश होती है जिसमे भाजपा के विधायक भी शामिल होते हैं। उन सबके सामने सभापति जी ने 15 दिन के अंदर दोनों सड़कों को बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन, इसके बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सपा विधायक ने कहा कि मैंने  2 अक्टूबर को हमने डीएम अमेठी से कहा था कि अगर 21 अक्टूबर तक दोनों सड़के नहीं बनती हैं तो मैं अपना स्तीफा दे दूंगा और धरने पर बैठ जाऊँगा। अपने उस निर्णय को पूरा करते हुए मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

सता पक्ष के विधायकों को पांच करोड़ मिले, विपक्ष को नहीं

गौरीगंज विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों योगी सरकार ने अपने सभी विधायकों को क्षेत्र के विकास के लिए पांच करोड़ की राशि स्वीकृत की, लेकिन विपक्षी विधायकों को कोई राशि नहीं दी गई। उन्होंने योगी सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि है मुझे उस सदन का सदस्य रहने का क्या मतलब जब मैं अपने विधानसभा की जनता का विकास ना कर सकूं। इन तमाम चीजों की वजह से मैंने आज इस्तीफा दिया है।

जनता की चिंता या राजनीतिक हथकंडा

एक तरफ जहां सपा विधायक जनता की चिंता की बात कहकर इस्तीफा देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जानकार इसे राजनीतिक हथकंडा बता रहे हैं। उनका कहना है कि यूपी में अगले साल चुनाव होने हैं, जिसको लेकर यह नाटक किया जा रहा है। सपा विधायक को पौने पांच साल तक जनता की याद नहीं आयी और अब चुनाव से पहले जनता की चिंता करने का नाटक करते हैं। यह सिर्फ राजनीतिक हथकंडा है, ताकि अपने क्षेत्र की गुस्साई जनता के सामने जा सकें। 


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