भागलपुर में सरकारी अस्पताल के कर्मी की करतूत, पोस्टमार्टम के लिए परिजन से लिए एक हज़ार रूपये घूस

भागलपुर में सरकारी अस्पताल के कर्मी की करतूत, पोस्टमार्टम के लिए परिजन से लिए एक हज़ार रूपये घूस

BHAGALPUR : एक तरफ राज्य में कोरोना कहर मचा रहा है. लेकिन आपदा की इस घडी में भी कई लोग अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं. ऐसा ही मामला भागलपुर के मायागंज अस्पताल में सामने आया है. जहाँ एक पिता को अपने बेटे की लाश का पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल कर्मी को 1 हजार रुपए घूस देने पड़े. भागलपुर के मायागंज अस्पताल में पोस्टमोर्टम करने वाले कर्मी के द्वारा अवैध रूप से पैसे मांगने का परिजनों ने VIDEO भी बनाया है, लेकिन अभी तक किसी पर कोई कार्रवई नहीं हुई है. 

बताया जा रहा है की चार दिन पहले खगड़िया के शिवम नाम का एक युवक सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गया. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने शिवम को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया. परिजनों की मानें तो मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों ने CT स्कैन कराने को कहा, लेकिन मायागंज में कोविड को लेकर CT स्कैन नहीं हो पा रहा था. इलाज के अभाव में मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी. 

इस बात से परेशान होकर परिजन ने अंत में परवत्ता के JDU विधायक डॉ संजीव कुमार को फोन से इन लापरवाही की शिकायत करते हुए उनसे मदद की गुहार लगाई. मायागंज अस्पताल की लापरवाही को सुनकर डॉ संजीव कुमार ने डॉक्टरों से फोन पर बात कर समुचित इलाज करने की बात कही और लापरवाही करने पर सस्पेंड कराने की धमकी भी दी, लेकिन अंत में शिवम की मौत हो गई. 


 शिवम की मौत के बाद परिजनों से एक हजार रुपए मांगे गए, जिसका वीडियो परिजनों ने किसी तरह बना लिया. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (मायागंज अस्पताल) के HOD डॉ संदीप लाल ने कहा कि पोस्टमोर्टम होने वाली जगह पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है कि पोस्टमोर्टम कराना सरकारी कार्य है. इस संदर्भ में पैसा लेना या देना दोनों कानूनी अपराध है. 

भागलपुर से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट

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