परीक्षा केंद्रों पर ही प्रश्न पत्र प्रिंट कर दिए जाएंगे छात्रों को, हर एक गलत उत्तर पर काटे जाएंगे नंबर, जानें बीपीएससी की आने वाली परीक्षाओं में क्या क्या किए गए बदलाव

परीक्षा केंद्रों पर ही प्रश्न पत्र प्रिंट कर दिए जाएंगे छात्रों को, हर एक गलत उत्तर पर काटे जाएंगे नंबर, जानें बीपीएससी की आने वाली परीक्षाओं में क्या क्या किए गए बदलाव

 PATNA : पेपर लीक कांड के बाद  बीपीएससी अपने हर फैसले को बेहद सावधानी से ले रही है। कड़ी सुरक्षा में पुराने पैटर्न पर पिछले माह 67वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा कराई गई। वहीं आनेवाली परीक्षाओं में यही पैटर्न लागू नहीं किए जाएंगे। 68वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किए जा रहे हैं। बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बीपीएससी की आगामी परीक्षा के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि पूरी पद्धति को और अधिक फुलप्रूफ बनाया जा सके। 38 पदों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर पद के लिए होने वाली मुख्य लिखित परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के सामने ही प्रिंट कर दी जाएगी। इस परीक्षा के लिए पटना में दो सेंटर पर 880 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

प्रश्न पत्रों के अलग-अलग सेट में से रैंडम तरीके से पेन ड्राइव मे लेकर सीधे परीक्षा केंद्रों पर ही प्रिंट कर दिया जाएगा। प्रिंटर बीपीएससी उपलब्ध कराएगा। प्रिंटिंग में यदि 15 मिनट या आधा घंटा देर होती है, तो अभ्यर्थियों को भरपाई के लिए इतने अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर ही प्रश्न पत्र प्रिंट कर देने का नया प्रयोग सफल रहा तो आगे भी इसे जारी रखा जाएगा।

नेगेटिव मार्किंग

वस्तुनिष्ठ प्रश्न पर तुक्का लगाना अभ्यर्थियों को महंगा पड़ सकता है। 68 वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से ही 150 प्रश्न के लिए 200 अंक होंगे। इसमें 50 कठिन प्रश्नों पर 100 अंक होंगे, जबकि अन्य 100 प्रश्न के लिए 100 अंक होंगे। स्टार लगे 50 प्रश्न के उत्तर देने में गलती हुई तो निगेटिव मार्किंग होगी। एक प्रश्न के गलत उत्तर के लिए 0.25 प्रतिशत या 0.50 प्रतिशत अंक कटेंगे, अभी तय होना बाकी है। 

कुल 150 प्रश्न होंगे; इनमें 50 कठिन प्रश्न, सही उत्तर पर मिलेंगे दोगुने अंक, गलत पर कटेगा नंबर

अभी लिखित मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन और अन्य विषयों के उत्तर देने के लिए या तो हिंदी या अंग्रेजी का ऑप्शन होता है। इसमें भी बदलाव किए जा रहे हैं। कोई अभ्यर्थी चाहे तो तकनीकी सहित अन्य विषय अंग्रेजी माध्यम से देना चाहे और सामान्य अध्ययन हिंदी माध्यम से तो इसकी छूट होगी। भाषा विषय को छोड़ कर यह सुविधा होगी।

परीक्षार्थी खुद चुनेंगे परीक्षा का माध्यम

परीक्षा केंद्र पर संबंधित विषय के कॉलम में ही परीक्षा का माध्यम चुनने का अभ्यर्थियों को ऑप्शन दिया जाएगा। अध्यक्ष के अनुसार अभ्यर्थी लगातार इस तरह की मांग कर रहे थे। एक और बदलाव की तैयारी हो रही है। अध्यक्ष के अनुसार स्केलिंग सिस्टम से मार्किंग के ऑप्शन होंगे। आयोग अभ्यर्थियों के सुझाव के आधार ही ही इसे लागू करेगा। स्केलिंग सिस्टम के लाभ और नुकसान की जानकारी दी जाएगी।

अब तुक्का मारकर सफल नहीं हो सकेंगे अभ्यर्थी

नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। तुक्का लगाने की जगह कांफिडेंस से जवाब देने वाले अभ्यर्थियों प्रोत्साहित होंगे। रिजल्ट में तेज अभ्यर्थी को मौका मिल सकेगा। आयोग के अध्यक्ष के अनुसार वर्तमान स्थिति में एक लाने वाले कई स्टूडेंट रहते हैं। वस्तुनिष्ठ तरह की सभी परीक्षाओं के लिए इस तरह की व्यवस्था होगी। 

वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका के अंक भी देख सकेंगे

अभ्यर्थी आयोग के वेबसाइट पर अपना उत्तर पुस्तिका के अंक देख सकेंगे, मुख्य परीक्षा की कॉपी भी स्कैन कर डाल दी जाएगी, ताकि आरटीआई से अंक संबंधी जानकारी मांगने की मजबूरी ही न रहे। पहली बार प्रारंभिक परीक्षा के बाद एक बार अभ्यर्थियों को एच्छिक विषय बदलने का मौका दिया। ऑनलाइन आवेदन के बाद हार्डकॉपी में आवेदन भेजने की अभ्यर्थियों को जरूरत को समाप्त किया गया है। हर परीक्षा केंद्र के लिए यूनिक कोड, प्रश्न पत्र की पहचान हो जाएगी कि किस केंद्र का है।

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