मोरबी हादसे के तुतला भवानी के मंदिर के पास हैंगिंग ब्रिज पर उठ रहे सवाल, बड़ी संख्या में पूरे साल पर्यटक करते हैं इस्तेमाल

मोरबी हादसे के तुतला भवानी के मंदिर के पास हैंगिंग ब्रिज पर उठ रहे सवाल, बड़ी संख्या में पूरे साल पर्यटक करते हैं इस्तेमाल

DEHRI :  खबर रोहतास के डिहरी से हैं। गुजरात के मोरबी में हैंगिंग ब्रिज के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद देश के अलग-अलग क्षेत्रों में हैंगिंग ब्रिज की रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए। रोहतास जिले के तुतला भवानी के पास भी एक हैंगिंग ब्रिज है। जहां सालों भर लोग इसका उपयोग करते हैं। 

 रोहतास जिला के तिलौथू के पास  तुतला भवानी जलप्रपात स्थित है । लगभग ढाई साल पहले यहां स्थित तुतला भवानी मंदिर तक पहुंचने के लिए वन विभाग ने हैंगिंग ब्रिज का निर्माण कराया गया। लगभग 200 मीटर लंबे इस हैंगिंग ब्रिज की खूबसूरती देखने को मिलती है। लेकिन बड़ी बात यह है कि समय-समय पर इसकी मरम्मती की आवश्यकता होती है। जो अमूमन देखने को नहीं मिलता है। स्थानीय लोगों की मानें तो पुल पहले से कहीं अधिक झूलता है। खासकर पर्व-त्यौहार और पर्यटन के समय यहां पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर इसे नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई। गुजरात के मोरबी में हुए हादसे के बाद यहां भी लोग अलर्ट पर हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि समय-समय पर इस झूलता हुआ पुल की मरम्मत होनी चाहिए। अभियंताओं के देखरेख में इसका निरीक्षण होना चाहिए, ताकि मोरबी जैसी कोई हादसा यहां ना हो सके।

चूंकीं यहाँ पर खूबसूरत झरना भी गिरता है। जो साल में लगभग 5 महीने गिरती रहता है। इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। वन विभाग इसकी देखरेख करते हैं। वन विभाग के अधिकारी लगातार इसको लेकर निर्देश देते रहते हैं। DFO मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि समय-समय पर तुतला भवानी के हैंगिंग ब्रिज की देखरेख होती है। उसके पटरे बदले जाते हैं।

 साथ ही विभिन्न नटो को टाइट भी किया जाता रहता है। ताकि कहीं से कोई दुर्घटना न हो। वैसे भी यह ब्रिज नई है और संबंधित कंपनी खुद इसकी देखरेख करते हैं। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी ब्रिज के पहले गेट लगाया गया हैं, ताकि ज्यादा लोगों को एक साथ पुल पर नहीं चढ़ने दिया जाए।


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