राजा महेंद्र प्रताप ने AMU के लिए लीज पर दी थी जमीन, लेकिन यूनिवर्सिटी में कहीं भी राजा का नाम नहीं- दिनेश शर्मा

राजा महेंद्र प्रताप ने AMU के लिए लीज पर दी थी जमीन, लेकिन यूनिवर्सिटी में कहीं भी राजा का नाम नहीं- दिनेश शर्मा

अलीगढ़. राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण कर जायजा लेने पहुंचे. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि राजा महेंद्र प्रताप के द्वारा 90 वर्षों के लिए अपनी जमीन को पट्टे के रूप में AMU को शिक्षा के लिए लीज पर दान में दिया था, लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में उनके नाम का जिक्र न होना बेहद ही विसंगति और परिचार्य का विषय है. जबकि हिंदुस्तान से बाहर के लोगों के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नाम का जिक्र है.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि 14 सितंबर को लोधा इलाके के गांव मूसेपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए मंगलवार को पहुंच रहे हैं, जिसका उनके द्वारा जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन सहित कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर जायजा लिया गया. इसके साथ ही कहा लोगों में काफी उत्साह है, जबकि भारी बारिश के बावजूद भी लोग कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आना चाह रहे हैं. लेकिन यह एक ऐसे व्यक्ति के प्रति सम्मान है जिन्होंने 32 वर्षों तक अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने आप को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में एक राष्ट्रभक्त और आम नागरिक के रूप में अपना जीवन जिया.

वही जापान में जाकर प्रधानमंत्री से मिलना, रूस सहित अफगानिस्तान में कव्वालियों की सहायता से अंग्रेजों को खदेड़ा गया. इसके बाद अफगानिस्तान में एक अस्थाई सरकार का गठन किया गया. वहीं सरकार की अध्यक्षता को भी प्राप्त किया गया था. इसके बाद अफगानिस्तान से वापस हिंदुस्तान में आकर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा वृंदावन में देश और एशिया का पहला टेक्निकल महाविद्यालय बनाया गया था और अपने राजमहल को एक विद्यालय में परिवर्तित किया गया था. इसके बाद अलीगढ़ पहुंचकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए 90 वर्षों के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा अपनी जमीन को लीज पर शिक्षा के लिए दान कर दिया गया था.

उन्होंने कहा कि इस जमीन को दान करने से दर्शाया गया कि जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह छुआछूत और जात पात के विरोधी और एक शिक्षाविद इंसान थे. लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में लगातार जाट राजा के द्वारा बढ़ावा देने के लिए शिक्षक कार्य किए गए. इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक दुखद पहलू राजा महेंद्र प्रताप सिंह के साथ हुआ है. जिस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम पर उन्होंने 90 वर्षों के लिए अपनी जमीन को पट्टे पर दान कर दिया था. लेकिन उनके नाम का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उल्लेख ना होना बेहद ही दुख विसंगति और परिचार्य बनता है.

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जहां उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर को और बुंदेलखंड को प्राथमिकता दी गई है. ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय से थोड़ी दूर पर डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण होगा. जबकि विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड रुपए निर्गत कर दिए गए हैं. लगभग 93 एकड़ जमीन पर विश्वविद्यालय के विशाल भवन का निर्माण होगा, जिसमें प्रथम बार की पहली 100 करोड रुपए की किस्त निर्गत किए जा चुके हैं. विश्वविद्यालय में डिफेंस स्टडी और रक्षा विषय से संबंधित पाठ्यक्रम भी सम्मिलित होगा. जिससे देश के लिए विपरीत परिस्थितियों में रक्षा संबंधी जानकारियों को प्रतिवादित कर सके और नौजवानों को इसके लिए तैयार कर सकें. जबकि सचिव स्तर से लेकर राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय की सभी नियुक्तियां भी की जा चुकी हैं.


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