अलीगढ में बनेगा राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय, 14 सितम्बर को प्रधानमन्त्री करेंगे शिलान्यास, तैयारियां जोरों पर

अलीगढ में बनेगा राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय, 14 सितम्बर को प्रधानमन्त्री करेंगे शिलान्यास, तैयारियां जोरों पर

ALIGARH : अलीगढ़ में 14 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो-दो सौगात देने के लिए आ रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर को राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। इसी को लेकर लोधा क्षेत्र में लगातार तैयारियां तेजी पर है। 14 तारीख को होने वाले विशाल कार्यक्रम की रूपरेखा एवं समीक्षा बैठक के लिए कल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर में 2:00 बजे लोधा स्थित राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय के जमीन पर बने हेलीपैड का निरीक्षण करेंगे। साथ ही अलीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 के उपचुनाव में इगलास क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की तर्ज पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय बनवाया जाएगा। वहीं इस पूरे मामले पर अब एएमयू के छात्रों ने भी इस मुद्दे को सिर्फ और सिर्फ 2022 विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए बताया है और कहा है कि हिंदू मुसलमानों को बांटने की राजनीति भारतीय जनता पार्टी कर रही है यही उनका 2022 का एजेंडा भी है।

लोधा क्षेत्र के ग्राम प्रधान शीलू ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया लंबे समय से यह डिमांड थी कि एएमयू का नाम बदल कर राजा महेंद्र प्रताब सिंह विश्विद्यालय किया जाए जो नही हो सका। लेकिन अब यह बड़े ही गर्व की बात है की  लोधा क्षेत्र में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का शिलान्यास होने जा रहा है। यहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा 14 सितंबर को शिलान्यास किया जाएगा।

वहीँ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय किए जाने के सवाल पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर सियासत करना चाहती है। भाजपा के पास सिर्फ एक ही मुद्दा रह गया है। वह हिंदू मुस्लिम के नाम पर राजनीति करना और 2022 के इलेक्शन में इसका फायदा उठाना चाहती है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय  अपने नाम से जाना जाता है। इसका एक इतिहास है। एएमयू इसका नाम है एएमयू था और एएमयू ही रहेगा। एएमयू का नाम बदला नहीं जा सकता।

अलीगढ़ से अजय कुमार की रिपोर्ट

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