गया में मुसलमानों ने किया ऐलान, राजनीतिक दल दें हिस्सेदारी नहीं तो उतारेंगे अपने उम्मीदवार

गया में मुसलमानों ने किया ऐलान, राजनीतिक दल दें हिस्सेदारी नहीं तो उतारेंगे अपने उम्मीदवार

GAYA : गया के दस विधानसभा क्षेत्रों के चुनावी समर में इन दिनों राजनैतिक पार्टियाँ मुसलमानों के आक्रोश का शिकार बन गयी है. मुसलमानों ने खुलकर ऐलान किया है कि इस बार मुस्लिम तबका किसी भी राजनीतिक दल को वोट नहीं करेगा. एक तरह से मुस्लिम समाज ने वोट बहिष्कार का पूरा पूरा मन बना लिया है. मुसलमानों का कहना है कि जिस तरह उनकी आबादी है. उस हिसाब से उन्हें राजनीति में हिस्सेदारी नहीं मिल रही है. यही वजह है कि इस बार मुसलमानों का राजनैतिक पार्टियों से मोहभंग हो गया है. यही वजह है कि चुनावी मैदान में उन्होंने अपने नुमाइंदे उतारने का ऐलान किया है. 

इस बाबत आज मगध मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले मगध के मुसलमानों ने अपने क्षेत्र के 10 विधानसभा इलाकों के मुसलमानों को आपात बैठक में हिस्सा लेने का ऐलान किया है. इस सम्मेलन में मुसलमानों ने गया के 10 विधानसभा सीटों में से अपने आबादी के हिसाब से राजनीतिक पार्टियों से सीट की मांग की है. नहीं मिलने पर विधानसभा चुनाव में अपने नुमाइंदे खुद उतारने का ऐलान किया है. 

आज मुसलमानों ने खुलकर ऐलान कर दिया कि मुसलमानों को राजनैतिक पार्टियां सिर्फ वोट बैंक ना समझे. कई वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा हमें ठगने का काम किया गया है. अब हम हर हाल में राजनीतिक पार्टियों को यह औकात दिखा देंगे कि हमारे बिना सरकार बनाना आसान नहीं होगा. इसलिए समय रहते राजनैतिक पार्टियां चेत जाए और मुसलमानों का उपयोग करना छोड़ दें. 

हम मगध में 16.9% आबादी में है. हमें मगध में 10 सीटों में से 6 सीटों पर हिस्सेदारी चाहिए. चाहे वह महागठबंधन हो या फिर जनतांत्रिक गठबंधन. अब महागठबंधन यह भूल जाए की मुसलमानों को सिर्फ और सिर्फ महागठबंधन ही उपयोग करेगी. हमने खुले तौर पर कहा है कि चाहे वह भाजपा ही क्यों ना हो अगर राजनीति में हमें हिस्सेदारी देगी तो हम भाजपा के साथ भी जा सकते हैं. यह बातें आज गया के अनवारूल उलूम मदरसा में आयोजित मगध मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले आयोजित एक सभा में मुसलमानों के हक के लिए लड़ने वाली संस्था ने मंच से मुसलमानों ने ऐलान किया है. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 


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