36 से 40 महीने में राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा पूरा, कंस्ट्रक्शन में नहीं किया जाएगा लोहे का इस्तेमाल

36 से 40 महीने में राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा पूरा, कंस्ट्रक्शन में नहीं किया जाएगा लोहे का इस्तेमाल

New Delhi : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य ससमय पूरा करने के लिए ट्रस्ट की बैठक हुई. गुरुवार को दिल्ली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई. ट्रस्ट ने कहा है कि मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है. करीब साढ़े तीन साल में काम पूरा होने की उम्मीद है. इस बैठक में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी कई बातों पर चर्चा की गयी.  आइए आपको बट्टे है बैठक की खास बातें -

- भूकंप-तूफान से बचाने के लिए परंपरागत तकनीकों से निर्माण होगा।
- पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की एक हजार पत्तियां काम में ली जाएंगी।
- तांबे की पत्तियां देने वाले उस पर अपने परिवार, इलाके या मंदिरों के नाम गुदवा सकेंगे।
-  मंदिर निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
- तीन से चार महीने में निर्माण का काम पूरा होने की उम्मीद।


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर निर्माण में देश की प्राचीन और परंपरागत तकनीकें काम में ली जाएगी। भूकंप, तूफान और दूसरी आपदाओं से मदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं होगा.  कंस्ट्रक्शन में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए लोहे की जगह तांबे की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी के साथ भक्तों से अपाल की गयी है कि तांबे की पत्तियां दान करें. साथ ही तांबे की पत्तियां देने वाले उस पर अपने परिवार, इलाके या मंदिरों के नाम गुदवा सकेंगे.

Find Us on Facebook

Trending News