सदन में लालू परिवार का सदस्य बोलता है तो लहजे पर खूब लगते हैं ठहाके, अध्यक्ष हों या सीएम खुद पर नहीं रख पाते हैं काबू

सदन में लालू परिवार का सदस्य बोलता है तो लहजे पर खूब लगते हैं ठहाके, अध्यक्ष हों या सीएम खुद पर नहीं रख पाते हैं काबू

पटना... बिहार विधानमंडल का सत्र तो शुक्रवार को समाप्त हो गया, लेकिन इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष दोनो का रूख आक्रमण रहा। बीते दिन दोनो सदनों में जो दृश्य देखने को मिला, वो शायद ही कभी देखने को मिला हो। कल विधानसभा के सत्र में तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार आमने-सामने रहे तो विधानपरिषद में राबड़ी देवी और नीरज कुमार आमने-सामने दिखे, लेकिन आक्रमक माहौल में भी नेताओं ने खूब ठहाके लगाए और ठहाकों का कारण था लालू परिवार। दोनों सदनों में जब लालू परिवार का कोई सदस्य बोल रहा था तो सता पक्ष के नेता ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं पाते थे, जिसमें खुद सीएम नीतीश कुमार भी शामिल रहे। दोनों सदनों के अध्यक्ष भी इस दौरान अपने चेहरे की मुस्कान को छुपा नहीं पाए। 

सदन में जब जदयू के नेता नीरज कुमार ने लालू परिवार पर हमला बोला तो राबड़ी देवी खुद को रोक नहीं पाई और बीच-बीच में खड़े होकर नीरज को सदन में जवाब देने से नहीं चूक रही थीं। जदयू के नेता ने लालू के कार्यकाल से एनडीए की कार्यकाल की तुलना कर सदन को बता रहे थे कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य की कैसी व्यवस्था तब और अब है। वहीं नीरज कुमार ने निजी हमला भी कर दिया और कहा कि  बिहार अध्यात्म की भूमि है और बिहार परंपरा की भूमि है। आप कितना भी बेचैन हो जाइएगा, बिहार का इतिहास रहा है कि मुख्यमंत्री का बेटा कभी मुख्यमंत्री नहीं बना है। 

वहीं, इसके बाद जब विधानपरिषद में विरोधी दल की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सदन में बोलना शुरू किया तो सीधा नीरज कुमार पर हमला बोल दिया। राबड़ी देवी के बोलने के लहजे पर विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, सीएम नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे खुद को रोक नहीं पाए और ठहाके लगाना शुरू कर दिया। इस बीच राबड़ी देवी नीरज कुमार पर हमलावर बनी रहीं। 

इधर हम बात करें तेजस्वी यादव की तो सदन में अंतिम दिन तेजस्वी यादव का 56 मिनट का संबोधन हुआ। इस दौरान सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला। खास तौर पर नीतीश कुमार पर पूरे संबोधन के दौरान उग्र शब्दों का इस्तेमाल करते नजर आए। पूरे संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आक्रमक रूख अपनाए रहे। हालाकि इस बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि हम तो नीतीश जी को चाचा बाेलते हैं, हमें तो माता-पिता ने सिखाया है कि बड़ों का सम्मान करो। हम तो आदरणीय नीतीश जी को चाचा से संबोधन करते थे, चाचा से संबोधन करते थे, लेकिन सदन में कोई चाचा-भतीजा तो होता नहीं है। प्रोटोकॉल का फॉलो करते हैं। बस फिर क्या था, तेजस्वी के इतना कहते ही पूरा सदन ठहाकों से भर गया। खासतौर पर शांत होकर संबोधन सुन रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खुद को रोक नहीं पाए और ठहाके लगाकर हंसने लगे। नीतीश की हंसी से ये स्पष्ट हो गया कि तेजस्वी जो कह रहे हैं ये सिर्फ कहने की बातें हैं और उनके आचरण में ऐसा कुछ भी नहीं है।  


Find Us on Facebook

Trending News