SDPO साहब ने बीमा के नाम पर खोल ली है दुकान, पुलिस अधिकारी-माफियाओं से खूब लेते हैं पॉलिसी,बदले में आरोपियों से दिखाते हैं हमदर्दी

SDPO साहब ने बीमा के नाम पर खोल ली है दुकान, पुलिस अधिकारी-माफियाओं से खूब लेते हैं पॉलिसी,बदले में आरोपियों से दिखाते हैं हमदर्दी

PATNA: बिहार पुलिस के अधिकारी चहुंओर पैसा बटोरने में लगे हैं। हाकिम की अपनी कमाई का कोई थाह नहीं है फिर भी पेट नहीं भर रहा।लिहाजा पत्नी के नाम पर भी दूकान खोल ली है और खूब कमीशन उठा रहे हैं। साहब अपने अधिकार का पत्नी के लिए खूब प्रयोग कर रहे।हाकिम की वजह से उनके मातहत परेशान हैं। न चाहते हुए भी खुद और परिवार का 'बीमा' कराना पड़ रहा।

बीमा के नाम पर वसूली 

हम बात कर रहे हैं बिहार पुलिस के एक एसडीपीओ की। एसडीपीओ साहब अब अपनी सेवा के अंतिम दौर में हैं। साहब नेपाल के तलहटी वाले इलाके में तैनात हैं।उस इलाके की उर्वर माटी पर उनकी पत्नी का धंधा खूब फल-फूल रहा है। पत्नी की फसल को सींचने में साहब कोई कसर नहीं छोड़ रहे। अपने नीचे के पुलिस अधिकारियों को वे लंबे समय से जीना मुहाल कर रखा है। दरअसल एसडीपीओ साहब ने पत्नी को रोजगार देने के लिए एक निजी बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बना दिया है। इसके पीछे की मंशा भी कमाई का ही है। दरअसल एलआईसी छोड़कर बाकी बीमा कंपनियों में पहली बार बीमा देने पर भारी कमीशन मिलता है। लिहाजा एसडीपीओ साहब पहली दफा बीमा लेने की पूरी कोशिश करते हैं ताकी भारी कमीशन आ सके।आखिर साहब करें भी तो क्या.....मेमसाहब का फऱमान जो है।

सीधे-सीधे इनकार नहीं करते छोटे अधिकारी

लिहाजा एसडीपीओ साहब अपने नीचे के अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। नीचे वाले अधिकारी करें तो क्या,बीमा नहीं कराने का भी मन हुआ तो बेमन से ही बीमा लेना पड़ता है। कई सब इंस्पेक्टरों ने बताया कि बीमा की डिमांड से परेशान हो गए हैं.लेकिन सीधे-सीधे इनकार भी नहीं कर सकते हैं. एसडीपीओ साहब सिर्फ पुलिस अधिकारियों से ही नहीं क्षेत्र के लोगों से भी खूब बीमा लिये हैं। बीमा की वजह से बदनामी भी हो रही लेकिन उसमें सीधा लाभ है इस खेल को छोड़ नहीं रहे। 

हाल ही में एसडीपीओ साहब के दफ्तर मे ही एक मामला फंस गया था जब हाकिम के एक क्लाइंट जो कि माफिया है और एक पुलिस अधिकारी के बीच विवाद हुआ था।मामला थाने पहुंच गया और खास क्लाइंट पर मुकदमा हो गया. मामला काफी सुर्खियों में रहा,जिस पर आरोप लगे वो साहब का खास क्लाइंट था लिहाजा साहब बिरादरी की जगह क्लाइंट के प्रति पूरी इमानदारी बरती। पुलिस की नजरों में भले ही वो आरोपी हो लेकिन एसडीपीओ साहब की पूरी हमदर्दी थी।जानकार बताते हैं कि आरोपी के सिर पर हाकिम का हाथ है।हमदर्दी के पीछे बीमा की कई पॉलिसी ही है। बता दें कि एसडीपीओ साहब  गंड़क नदी के किनारे वाली जगह पर पदस्थापित हैं.

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