अग्निपथ योजना के खिलाफ छात्र-युवाओं ने निकाला प्रतिवाद मार्च, बिहार सरकार से की प्रस्ताव पारित करने की मांग

अग्निपथ योजना के खिलाफ छात्र-युवाओं ने निकाला प्रतिवाद मार्च, बिहार सरकार से की प्रस्ताव पारित करने की मांग

DARBHANGA : केंद्र सरकार द्वारा सेना में अग्निपथ योजना लाये जाने के खिलाफ आज दरभंगा में प्रतिवाद मार्च का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार विधानसभा के आने वाले सत्र में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित करने, आंदोलनकारियों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने और आरवाइए के प्रदेश उपाध्यक्ष तारिक अनवर सहित सभी गिरफ्तार 1200 युवाओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की गयी। प्रतिवाद मार्च का आयोजन बहादुरपुर प्रखंड के मिर्जापुर कौआही गांव में किया गया। मार्च कौआही गांव से निकलकर मिर्जापुर चौक पर आकर सभा मे तब्दील हो गया। मार्च का नेतृत्व आइसा नेता सुभाष कुमार, किसुन कुमार, इनौस नेता हरिश्चन्द्र पासवान, श्रवण पासवान ने किया। 


वही मिर्जापुर चौक पर दीपक पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आइसा के जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने कहा की अग्निपथ के खिलाफ पूरे देश और खासकर बिहार में छात्र-युवाओं का तीखा आक्रोश दिखा और जगह-जगह प्रतिरोध हुए। 2014 में भाजपा ने प्रत्येक साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। नीतीश कुमार ने भी 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान 19 लाख रोजगार का वादा किया था। लेकिन इस दिशा में सरकार की पहलकदमी निराश करने वाली है। अभी भी लगभग सभी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हुए हैं। कुछेक बहालियां हो भी रही हैं तो वह ठेका आधारित, जहां युवाओं का भविष्य पूरी तरह असुरक्षित है। उन्होंने कहा की गांव-गांव में अग्निपथ योजना के खिलाफ छात्र-युवाओं का बैठक व प्रतिवाद होगा। वही आइसा के जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने कहा की अब केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के जरिए सेना की बहाली में भी अवसर को घटाकर महज 4 साल कर दिया है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से सम्मानजक रोजगार की बाट जोह रहे युवाओं को गहरा आघात लगा है। यह निर्णय देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी अत्यंत खतरनाक है। यह हमारी सेना के मनोबल को गिराएगा और उसकी पूरी संरचना को तहस-नहस कर देगा। इसलिए केवल छात्र-समुदाय ही नहीं बल्कि पूरा देश इसका विरोध कर रहा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था से सरकार ही खेल रही है। इसकी इजाजत देश कैसे दे सकता है? उन्होंने आगे कहा कि बिहार के नीतीश कुमार को भी इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़नी होगी। बिहार विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर अग्निपथ के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना होगा। 

वही माले राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा की बिहार में विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ एनडीए में रहते हुए जदयू ने भी अग्निपथ योजना का विरोध किया था, लेकिन दूसरी ओर आंदोलनरत युवाओं पर बर्बर पुलिस दमन भी ढाया गया। युवा संगठन आरवाइए के बिहार राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर पर एक फर्जी मुकदमा लादकर आंदोलन के दौरान जेल भेज दिया गया। आज पूरे राज्य में 1200 से अधिक छात्र-युवाओं की गिरफ्तारी हो चुकी है, उनकी धर-पकड़ लगातार जारी है और उनके बीच आतंक का माहौल कायम किया जा रहा है। उन्होंने सभी युवाओं पर से झूठा मुकदमा वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर ललन पासवान, चंदन, राकेश, भाष्कर, गुड्डू पासवान, आमोद कुमार पासवान, बबलू कुमार, अरुण पासवान, रामनरेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, विकाश झा, अविनाश झा, गोपाल यादव, अभिषेक यादव सहित कई लोग शामिल थे।

दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट 

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