तेजस्वी ने बिहार में निकाल रखी है 'आर्थिक उगाही यात्रा', जदयू के नीरज ने लालू-राबड़ी राज का बताया सच

तेजस्वी ने बिहार में निकाल रखी है 'आर्थिक उगाही यात्रा', जदय

पटना. राजद नेता और पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इन दिनों बिहार में "आर्थिक उगाही यात्रा" कर रहे हैं. तेजस्वी को लेकर यह कथित दावा जदयू ने किया है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को तेजस्वी यादव की जन विश्वास यात्रा को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी शासन के 15 वर्षों में बिहार में किसी क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों और उनकी दूरदर्शी सोच से बिहार में आए बड़े बदलाव का क्रेडिट तेजस्वी लेने की बातें करते हैं. 

नीरज ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी की जन विश्वास यात्रा पर तंज कसते हुए एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा है, तेजस्वी यादव जी की यात्रा, "आर्थिक उगाही यात्रा". दिखाकर प्रलोभन मनभावन, जनता को बहलाएंगे, ललचाएंगे फिर से भ्रमित कर अपनी चालों में। भर आंखों में द्वेष अग्नि, चीखेंगे, चिलाएंगे, फिर से भीड़ भरी चौपालों में।। पहन ताज सत्ता का छुप जाएंगे, फिर से अपनी विलास भरी कद्राओं में।।। माई-बाप का राज बनाम जनताराज,  झांसे में नहीं आना है, राजकुमार को बताना है। 

नीरज ने अपनी पोस्टर में आगे आंकड़ों से बताया है कि लालू-राबड़ी राज में कितने शिक्षकों की बहाली हुई और नीतीश कुमार के शासन में बिहार में कितने शिक्षक बनें. नीरज ने बताया कि माई - बाप के राज (लालू-राबड़ी राज) (1990-2005) में मात्र 33 हजार 499 शिक्षक की बहाली हुई । जनताराज (नीतीश राज) (2005 से अब तक) में कुल 5 लाख 61 हजार शिक्षकों की बहाली हुई। पोस्टर में एक बस भी दिखाई गई है जिसमें लालू और तेजस्वी के कार्टून वाले चित्र हैं और लिखा है- अपनी लाठी, आर्थिक उगाही यात्रा, अपना परिवार. 

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जो विपक्ष के नेता हैं वे इन दिनों राजनैतिक रूप से फरार हैं. इनके माता-पिता के राज में सिर्फ भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना था. वहीं नीतीश कुमार के शासन में विकास, रोजगार और नौकरी का रिकॉर्ड बना. नीरज ने कहा कि बिहार की जनता तेजस्वी के झांसे में नहीं आएगी. तेजस्वी सिर्फ सत्ता पाने के लिए इस प्रकार की यात्रा कर रहे हैं. इसमें भी यह यात्रा आर्थिक उगाही यात्रा है.