तेजस्वी का मछली पकड़ना बना गया चुनावी मुद्दा : नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल, तो जदयू का पलटवार, कहा – पहले अपने गिरेबां में झांके

तेजस्वी का मछली पकड़ना बना गया चुनावी मुद्दा : नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल, तो जदयू का पलटवार, कहा – पहले अपने गिरेबां में झांके

PATNA : बिहार में तेजस्वी यादव के मछली पकड़ना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मामले में सबसे पहले जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनका कांफिडेंस कम हो गया है, यही कारण है कि वह मछली पकड़ रहे हैं। वहीं तेजस्वी ने इसे मत्स्यजीवियों का अपमान बताते हुए जदयू-भाजपा के लोगों को माफी मांगने की बात कही है। इन सबके बीच अपने अध्यक्ष पर हुए हमले के बचाव में जदयू के दूसरे नेता भी उतर आए हैं। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मत्स्यपालकों के प्रति कैसा सोच रखते हैं, यह उन्होंने मुकेश सहनी को धोखा देकर जाहिर कर दिया है। 

तालाब पर कर लेते थे कब्जा

नीरज कुमार ने तेजस्वी ने कहा कि मत्स्यजीवियों के साथ आपके माता पिता किस तरह का व्यवहार करते थे यह किसी से छिपा नहीं है। मत्स्यपालकों के तालाब पर किस तरह से कब्जा कर लिया जाता था। नीतीश सरकार ने मत्स्यपालकों के जीवन स्तर को सुधारा, आज मत्स्यपालक सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं। उनके लिए कानून बनाकर तालाब बनाकर अधिकार दिया।


मुकेश सहनी को किया अपमानित

जदयू प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मत्स्यपालकों के वह कितने बड़े हितैषी है, वह इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने एक मत्स्यपालक के बेटे मुकेश सहनी को किस तरह से अपमानित किया था। उन्हें धोखा दिया था। उन्होंने तेजस्वी यादव को भाषागत जालसाज बताया।

क्या है पूरा मामला

दरअसल दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के तारापुर में मछली मार रहे थे, जिसका वीडियो सामने आने के बाद जदयू अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा था भला चुनाव के दौरान कोई मछली मारता है क्या? "कॉन्फिडेंस लेवल जिसका हाई रहता है, वह मछली मारता है? अब जब मछली मार रहे हैं, तो इसी से समझ लिजिए कि कितना कॉन्फिडेंस लेवल हाई है उनका”


तेजस्वी ने मत्स्यजीवियों के सम्मान से जोड़ा

ललन सिंह की बातों को तेजस्वी यादव ने मत्स्यपालकों के सम्मान से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्यजीवी समाज को कम आत्मविश्वास वाला और मछली पकड़ने को हेय काम बताने वाले नीतीश जी के 'राष्ट्रीय अध्यक्ष’ को पूरे मल्लाह समाज से माफी माँगनी चाहिए। ये JDU-BJP वाले अपनी सामंती सोच को बस किसी तरह दबा, छुपा कर बैठे है। रह-रहकर वंचितों के प्रति जहर इनके मुँह से निकलता ही रहता है।


 
 

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