मंगल पांडेय को कमीशन नहीं मिला तो कोवास मशीन का आर्डर किया गया रद्द,तेजस्वी यादव का सनसनीखेज आरोप

मंगल पांडेय को कमीशन नहीं मिला तो कोवास मशीन का आर्डर किया गया रद्द,तेजस्वी यादव का सनसनीखेज आरोप

Patna : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना को लेकर राज्य सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में नया प्रधान सचिव के आते ही 2 दिन में ही कोरोना के केस 30 हजार कैसे बढ़ गए। तेजस्वी ने स्वास्थ्य मंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि कमीशन नहीं मिलने से कोवास मशीन का आर्डर रद्द किया गया है।

उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब प्रतिदिन 1 लाख जांच की बात कही जा रही है। जबकि ICMR कहता है कि एंटीजन टेस्ट प्रामाणिक नही है, बावजूद इसके बिहार में सिर्फ एंटीजन टेस्ट ही क्यों हो रहे है। मैं जानना चाहता हूं कि RTPCR जांच बिहार क्यों नही हो रहा है। तेजस्वी ने कहा है कि जो जांच हो रही है उसकी कोई एक्यूरेसी नही है। सिर्फ दिखाने के लिए जांच हो रही है।  बिहार सरकार लोगो के जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बताये कौन सी जांच एक्यूरेट है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमने जितने भी सवाल राज्य सरकार से किए उसका कोई जबाब नही मिला। मंगल पांडेय ने जो जवाब दिया वह संतोषजनक नही है। स्वास्थ्य मंत्री एकबार मेरे टाइमलाइन पर जाकर सुझाव देख ले। वे बताये जो आंकड़े दिए वो सही है। 148 दिन में सिर्फ 2179 RTPCR टेस्ट ही हुए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया था कि कुल जांच 753346 हुई, जिसमें मात्र 6100 ही RTPCR जाँच की बात सीएम ने बताया था। जिसका मतलब साफ है कि कुल जांच का सिर्फ 8 प्रतिशत ही RTPCR जांच हुआ। बिहार के पास 10500 से ज्यादा जांच की क्षमता ही नही है। 


कमीशन नहीं मिलने से कोवश मशीन का आर्डर किया गया रद्द

तेजस्वी ने कहा कि मंगल पण्डेय ने बताया था विदेश से कोवस मशीन आएगी,जिसमे 36 हजार एक दिन में टेस्ट की बात कही गई थी। 6 महीनों में अबतक क्यों नही आया मशीन। आखिर स्वास्थ्य मंत्री कर क्या रहे है। बिहार सरकार ने 15 मई को ऑर्डर किया, फिर 24 जून को ऑर्डर रद्द कर दिया गया। उन्होंने BMCICL चिट्ठी का दिया हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बताये इतने महत्वपूर्ण मशीन का ऑर्डर क्यों रद्द किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने सीधे-सीधे कमीशन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि दरअसल स्वास्थ्य मंत्री को कमीशन नही मिलने के कारण ऑर्डर  रद्द कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग में बिना कमीशन कोई सामान नही आता है। सदन में कमिटी बनाने की बात कही पर अबतक नही बनी। बिहार सरकार वेंटिलेटर क्यों नही खरीदती है। 

उन्होंने कहा कि 500 वेंटिलेटर में कई तो वीआईपी घर मे लगे है। बिहार में 1 लाख ऑक्सीजन बेड की जरूरत है। जबकि अबतक बिहार में सिर्फ साढ़े 10 हजार बेड है। बिहार सरकार पिछले 6 महीनों में कोई काम नहीं किया। कोरोना को लेकर सरकार पूरी तरह से सुस्त है। सिर्फ प्रधान सचिव बदला जा रहा है। नए प्रधान सचिव जादू की छड़ी लेकर आये है। 

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट

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