लोजपा के बंगले की लगी आग की चिंगारी बिहार की राजनीति पर भी गिरी, जानें क्या है इस सियासी उठापटक पर प्रदेश की राजनीतिक दलों का नजरिया

लोजपा के बंगले की लगी आग की चिंगारी बिहार की राजनीति पर भी गिरी, जानें क्या है इस सियासी उठापटक पर प्रदेश की राजनीतिक दलों का नजरिया

PATNA : दिवंगत रामविलास पासवान के द्वारा सपने से संजोए गए लोजपा के बंगले में आग लग गई है। आग उनके ही परिवार की आपसी लड़ाई के कारण लगी है। अब इस आग पर बिहार के दूसरे राजनीतिक दल अपना हाथ सेंकने की तैयारी में लगे हैं। लोजपा में उठी इस सियासी उठापटक पर भाजपा, राजद, कांग्रेस और हम की तरफ से अपनी प्रतिक्रिया दी गई है। 

चिराग ने हमें भी पहुंचाया नुकसान

लोजपा के पांच सांसदों द्वारा चिराग के खिलाफ बगावत का बिगुल फुंक दिया गया है। ऐसे में चिराग के सबसे करीबी रहे भाजपा की तरफ से पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। पार्टी प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा कि चिराग पासवान एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव में हमें भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। वहीं विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिस तरह से विपक्ष लोगे मुद्दा बना रहे थे कि एनडीए में टूट होने वाली है उन लोगों के लिए यह करारा जवाब है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि अपने आप को हनुमान चिराग पासवान बताते थे लेकिन अब एनडीए जहां रहेगी हम उसके साथ हैं।

राजद ने कहा हम इंतजार करेंगे

लोजपा में हुए टूट को लेकर राजद ने साफ कर दिया है कि वह अपना स्टैंड अभी क्लियर नहीं करेगी। पार्टी प्रवक्त मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि चिराग पासवान कहते थे कि प्रधानमंत्री राम हैं और वह उनके हनुमान। लेकिन इस हनुमान को राम का आशीर्वाद नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ''यार नहीं लूट लिया घर यार का''।अब उन्हें सोचना होगा कि आगे क्या कुछ करने वाले हैं। वहीं उन्होंने कहा कि अभी तक एक कंफर्म नहीं किया गया है कि जो सांसद हैं किस पार्टी में जाएंगे क्या कुछ मसला होगा अभी तक  क्लियर नहीं किया गया है क्योंकि बगैर सबूत का कुछ बोलना अभी सही नहीं है।


कांग्रेस ने चिराग पर जताया भरोसा

लोक जनशक्ति पार्टी की टूट पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। पार्टी प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने चिराग की काबिलियत पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार दलित नेताओं को खत्म करना चाहते हैं। 2005 में उन्होंने राम विलास पासवान के 29 विधायकों को अपने खेमे में कर लिया था, लेकिन पासवान जी के अस्तित्व को खत्म नहीं कर पाए। इसी तरह उन्होंने मांझी, रमई राम और श्याम रजक जैसे दलित नेताओं को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, अब वह चिराग को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन चिराग सक्षम हैं और वह इस समस्या को सुलझाने में कामयाब होंगे।

मांझी की हम ने कहा – लोगों के लिए सबक

लोजपा की टूट का फायदा मांझी की हम को मिलेगा। अब वह बिहार की सबसे बड़ी दलित पार्टी बन सकती है। पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि चिराग पासवान की घटना ने यह साबित कर दिया जो चाहे कितना भी नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करते हों, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। चिराग की हालत ऐसी हो गई है कि उनके अपने ही खिलाफ हो गए हैं। अपनी तानाशाही रवैये से उन्होंने अपने पिता के बंगले में आग लगा दी है। यह दूसरी पार्टियों के लिए सबक है, जो नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रचने की कोशिश कर रहे हैं।

BANDANA की रिपोर्ट

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