पिता के हत्या में शामिल सफेदपोश आरोपियों को पुलिस बचाने में लगी रही, निराश बेटे ने खुद को आग लगाकर तीन मंजिला इमारत की छत से लगाई छलांग, मौत

पिता के हत्या में शामिल सफेदपोश आरोपियों को पुलिस बचाने में लगी रही, निराश बेटे ने खुद को आग लगाकर तीन मंजिला इमारत की छत से लगाई छलांग, मौत

MOTIHARI : मोतिहारी में पिता आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की हत्या से सदमे में चल रहे पुत्र रोहित ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है।जिसका इलाज के दौरान मौत हो गयी। रोहित पुलिस की कार्रवाई से नाखुश है और आज गुरुवार को सुबह से शाम तक एसपी  से मिलने के लिये जद्दोजहद करने के बाद संतोषजनक जबाब नही मिलने पर घर पहुंचे रोहित ने आत्महत्या का प्रयास किया है। घर के सामने एक तीन मंजिले निजी नर्सिंग होम के छत पर पहले शरीर मे आग लगाया और छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया है। घटना के तत्काल बाद परिजनों ने आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल के सबसे बड़े पुत्र रोहित को मोतिहारी नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहा देर रात रोहित की इलाज के दौरान मौत हो गयी। पहले पति को खोने व अब न्याय के लिए पुत्र को खोने के कारण आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है। 

एसपी ऑफिस से निराश होकर लौटा था रोहित

आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के पिता विजय अग्रवाल ने वीडियो जारी कर बताया कि रोहित गुरुवार को  एसपी से मिलने के लिये सुबह में ही एसपी कार्यालय पहुंचा था,जहां एसपी के नही मिलने पर कार्यालय कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। जिसके बाद एसपी रोहित से मिले,लेकिन एसपी की ओर से रोहित को संतोषजनक जबाब नही मिला। आरटीआई कार्यकर्ता दिवंगत बिपिन अग्रवाल के पिता और आत्महत्या का प्रयास करने वाले रोहित के दादा विजय अग्रवाल ने बताया कि एसपी ने अरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया जबकि हत्या के पांच महीने गुजरने पर हत्या की साजिश करने वालो को गिरफ्तार करने की मांग पर रोहित अड़ा रहा। 

15 मिनट में की अपराधियों को पकड़ने की मांग

इसी कारण नाराज और सदमे में चल रहे रोहित ने फोन कर 15 मिनट में पुलिस कार्रवाई करने नही करने या अस्वाशन नहीं देने पर आत्महत्या की धमकी दिया था। लेकिन पुलिस की कार्रवाई 15 मिनट में पूरा नही होने पर रोहित ने शरीर मे आग लगा कर नर्सिंग होम के तीन मंजिले छत से कूद पड़ा है।  छत से कूदने के पहले रोहित ने प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाया। दादा विजय अग्रवाल ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नही होने और एसपी के नही मिलने से क्षुब्ध रोहित ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। 


छह माह पहले पिता की हुई थी हत्या

मालूम हो कि 24 सितंबर 2022 को हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय से निकलते समय दिनदहाड़े दिन के करीब 12 बजे मिटरसायकिल पर सवार अपराधियो ने गोलियों से भूनकर आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की हत्या कर दिया था। बताया जाता है कि हत्या के पीछे हरसिद्धि बाजार के करोड़ो रूपये की व्यवसायी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। जिसपर कई बहुमंजिले इमारत और व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थापित है। सूचना के अधिकार कानून के सहारे इसी कुकृत्य का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल ने किया था,जिसके बाद से ही वह सफेदपोश,माफिया और व्यवसायियों के आखो का किरकिरी बना था। 

कई बड़े चेहरों को पुलिस ने बचाया

इन्ही कारणों से बिपिन अग्रवाल की हत्या कर दिया गया। हत्या के बाद परिजन न्याय की मांग को लेकर कई बार हरसिद्धि में अरेराज बेतिया सड़क को जाम कर धरना दिया था। पुलिस ने हत्या में शामिल कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन परिजन हत्या के पीछे के सफेदपोश,माफिया और व्यवसायियों के गठजोड़ का खुलासा करने और इनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े है। इन्ही मांगो को लेकर आज रोहित एसपी से मिलने आया था। 


अवानिष मिश्रा की रिपोर्ट

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