झांकी में दिखी बिहार में बेरोजगारी की असलियत, तेजस्वी यादव ने कहा – बिहार का यही है कटू सत्य

झांकी में दिखी बिहार में बेरोजगारी की असलियत, तेजस्वी यादव ने कहा – बिहार का यही है कटू सत्य

PATNA : बिहार में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। जिसको लेकर आए दिन सीएम नीतीश कुमार पर सवाल उठते रहे हैं। बड़ी संख्या में बिहार में ऐसे युवा है, जिनके पास डिग्री तो है, लेकिन उनके पास कोई रोजगार नहीं है। समय समय पर बिहार में बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं। लेकिन इस बार छठ व्रत को भी बेरोजगारी से जोड़ दिया गया। भोजपुर के जिला मुख्यालय में बेरोजगारी को लेकर ऐसी ही एक झांकी प्रदर्शित की गई। जिसमें पढ़े लिखे युवा चाय, पकोड़ा और चाट समोसा बेचते हुए दिख रहे हैं। बिहार की सच्चाई को बयां करती हुए यह तस्वीर इतना पसंद किया गया कि खुद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया और बिहार सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर एक बार फिर से घेरने की कोशिश की। 

क्या है झांकी की खासियत

आरा के नवादा चौक पर आदर्श कला मंदिर की ओर से यह झांकी बनाई गई। इसमें दिखाया गया है कि बी.टेक, बीएड, MBA करके कोई समोसा तल रहा है, कोई सब्जी बेच रहा है। यानी महंगी पढ़ाई पढ़ने के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। झांकी को इतने बेहतर तरीके से तैयार किया गया है कि एक बार वहां से गुजरनेवाले लोग भी रूक कर देखने लग गए।

झांकी के बहाने सरकार पर हमला

इस झांकी को RJD ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर भी इसे डाला है। जिसके साथ कैप्शन में लिखा है 'बिहार के आरा में एक छठ पूजा ऐसा भी...क्योंकि बिहार को 16 वर्षों में नीतीश सरकार ने बेरोजगारी का केन्द्र बना दिया है। बेरोजगारी का ऐसा दर्द कि अब छात्र-युवा किसी पर्व त्योहार पर मुस्कुराना व खुश रहना भी भूल गया। देश में सबसे अधिक बेरोजगारी बिहार में।'

तेजस्वी ने लगाया नाकामी का आरोप 

वहीं नेता प्रतिपक्ष यादव ने लिखा है- 'बिहार में 23 राज्यों से अधिक बेरोजगारी है। बिहार की बेरोजगारी दर देश की बेरोजगारी दर से की गुना अधिक है। 16 वर्षों की नीतीश- भाजपा सरकार देश के सबसे युवा प्रदेश बिहार के युवाओं को स्थायी नौकरी देने, रोजगार सृजन करने, उद्योग धंधे लगाने और पलायन रोकने में पूर्णतः विफल रही है।'

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