अरवल के राज्य खाद्य निगम में अनाज घोटाला की दुर्गंध! बगैर आईडी पासवर्ड खाद्यान्नों की एंट्री से संदेह गहराया

अरवल के राज्य खाद्य निगम में अनाज घोटाला की दुर्गंध! बगैर आईडी पासवर्ड खाद्यान्नों की एंट्री से संदेह गहराया

DESK : प्रदेश में राज्य खाद्य निगम रिकॉर्ड अनाज की खरीदारी के दावे करता है. लेकिन इस दावे के पीछे किस तरह की हेराफेरी की जा रही है, इसकी पोल खुल गई है. यहां एक सहायक प्रबंधक है, जिसे निगरानी विभाग रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करती है। नियम के अनुसार सहायक प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद गोदाम में अनाज कि इंट्री बंद कर दी जाती है, साथ ही जिला प्रबंधक के द्वारा तत्काल गोदाम को सील भी कर दिया जाता है। लेकिन इस जिले में यह काम बदस्तूर जारी रहता है। लेकिन इसकी कोई जांच नहीं की जाती है। अब इस घोटाले की परतें खुलने लगी है, जिसमें खाद्य निगम की सच्चाई सामने आ गई है।

मामला राजधानी पटना से सटे अरवल जिले के राज्य खाद्य निगम से जुड़ा है, यहां निगम के अंतर्गत बलिदाद स्थित सीएमआर गोदाम में पैक्सों के अनाज रखने की व्यवस्था की गई थी। हर गोदाम के लिए एक सहायक प्रबंधक नियुक्त किए जाते हैं। जिसमें बलिदाद सीएमआर गोदाम के लिए सलाउद्दीन को गोदाम के सहायक प्रबंधक बनाया गया था। गोदाम में आनेवाले सभी अनाज सहायक प्रबंधक की मंजूरी के बाद ही रखे जा सकते हैं। इसी दौरान बीते 14 जून को निगरानी विभाग बलिदाद गोदाम में छापेमारी करती है। सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्हें जेल भेज दिया जाता है।

गोदाम को नहीं किया सील

चूंकि सहायक प्रबंधक गिरफ्तार हो चुके थे। ऐसे में नियम के अनुसार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक द्वारा उक्त गोदाम को सील किया जाता है। लेकिन, यहां इस पर ध्यान नहीं दिया गया और गोदाम को जिला प्रबंधक ने सील नहीं किया।    

सहायक प्रबंधक के पास ही होता है आईडी और पासवर्ड 

यहां यह बताना जरुरी है कि किसी सीएमआर गोदाम में सहायक प्रबंधक को एक आईडी और पासवर्ड दिया जाता है। यह सिर्फ उसी के पास होता है। जिसका प्रयोग वह गोदाम में अनाज की इंट्री के लिए करता है। अब चूंकि बलिदाद गोदाम के सहायक प्रबंधक गिरफ्तार हो चुके थे, ऐसे में उनको एलॉट किया गया आईडी और पासवर्ड प्रयोग में नहीं लाया जा सकता था। लेकिन, बलिदाद के गोदाम में इसके बाद भी अनाजों की इंट्री जारी रही। 

एक साथ एक दिन में चार लाट की कराई गई इंट्री

सहायक प्रबंधक की गिरफ्तारी के लगभग तीन सप्ताह बाद बलिदाद गोदाम में एक जुलाई 2021 को फिर हलचल होने लगती है। यहां काम करनेवाले 4जी डाटा इंट्री ऑपरेटर द्वारा एक ही दिन में तीन पैक्सों और एक व्यापार मंडल के चार लाट ( एक लाट में 270 क्विंटल अनाज) की इंट्री कर दी जाती है। जबकि यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। साथ ही यह बताना जरुरी है 4जी डाटा ऑपरेटर का काम सिर्फ अनाज से संबंधित जानकारी अपलोड करनी होती है, जिसे स्वीकृति सहायक प्रबंधक देता है। लेकिन बलिदाद का सहायक प्रबंधक जेल में था, इसके बाद भी अनाज को इंट्री को एक्सेप्ट कर लिया गया। अब सवाल यह है कि सहायक प्रबंधक की अनुपस्थिति में किसने अनाजों की इंट्री को स्वीकृत किया। जबकि सूत्रों के अनुसार गोदाम के गिरफ्तार एजीएम का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। 

पैक्सों ने किया अनाज जमा करने का दावा

बलिदाद में एक जुलाई को जिन तीन पैक्स अध्यक्ष ने अनाज जमा कराया था, उनमें सरौती के धीरेंद्र, इंजौर के सिद्धेश्वर राम, कोयल के जोगिंदर शर्मा शामिल हैं, इसके अलावा कलेर व्यापार मंडल के राकेश कुमार ने भी अनाज जमा करने का दावा किया। रोचक तथ्य यह है कि चारों कलेर प्रखंड से जुड़े हैं। अब अगर इनके दावे को माना जाए तो बलिदाद सीएमआर गोदाम में इंट्री कैसे हुई, यह जांच का विषय है।

जिला प्रबंधक ने नहीं की कोई जांच

सबसे बड़ी बात है कि मामला सामने आने के बाद भी जिला प्रबंधक ने इसको लेकर कोई जांच करने की जहमत नहीं उठाई। सबसे पहली गलती कि उन्होंने गोदाम को सील नहीं किया। इसके बाद 4जी डाटा ऑपरेटर कैसे अनाज की इंट्री कर सकता है, सहायक प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद उसके आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कौन कर सकता है, इसकी जांच होनी चाहिए थी, लेकिन खाद्य निगम के जिला प्रबंधक अपनी आंखें मूंदे रहे। जो कहीं न कहीं इस गड़बड़झाले में निगम की संलिप्तता को उजागर करता है।

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