पांच पुलिस पदाधिकारियों को हाजत में घंटों बंद करनेवाले पुलिस अधीक्षक की बढ़ी परेशानी, उनके ही विभाग ने दर्ज कराया एफआईआर

पांच पुलिस पदाधिकारियों को हाजत में घंटों बंद करनेवाले पुलिस अधीक्षक की बढ़ी परेशानी, उनके ही विभाग ने दर्ज कराया एफआईआर

PATNA /NAWADA : काम में लापरवाही बरतने पर जिले के एसपी साहब पांच पुलिस पदाधिकारियों को घंटों हाजत में बंद कर देते हैं। जिस पर पुलिस मेंस एसोसिएशन विरोध जताता है। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है। यह सारी घटना नवादा जिले से जुड़ी है। जहां के एसपी डॉ. गौरव मंगला की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। क्योंकि, कमजोर वर्ग के ADG अनिल किशोर यादव की तरफ से थाना के हाजत में 5 पुलिस पदाधिकारियों को बंद किए जाने के मामले में कार्रवाई का आदेश दिया गया है। उन्होंने मगध रेंज के IG को अविलंब इस मामले में एक FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इस बारे में भी 7 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इस संबंध में कमजोर वर्ग के ADG की तरफ से बुधवार को एक आदेश जारी किया गया है।

कार्रवाई की उठी थी मांग

 दरअसल, इस मामले में बिहार पुलिस एसोसिएशन के एक डेलिगेट ने ADG से मुलाकात कर नवादा SP के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस पदाधिकारियों को थाना हाजत में बंद किए जाने का सबूत पेश किया था। इस पर ADG ने अपने आदेश में लिखा है कि एसोसिएशन की तरफ से पेश किए गए अभिलेख अगर जाली नहीं हैं तो इस मामले में अविलंब कार्रवाई हो। वो भी IPC की धारा 341/342 और 3(2)(va)SC-ST एक्ट (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत। एसोसिएशन के महामंत्री कपिलेश्वर पासवान की तरफ से किए गए शिकायत को कमजोर वर्ग के ADG ने बेहद गंभीरता से लिया है।

नवादा टाउन थाना से जुड़ा है पूरा मामला
पूरा मामला 8 सितंबर की रात का है। SP डॉ. गौरव मंगला केस का रिव्यू करने टाउन थाना पहुंचे थे। रिव्यू के दौरान उन्हें कई तरह की खामियां मिली। इसके बाद ही वो नाराज हुए। फिर वहां पोस्टेड पांच पुलिस पदाधिकारियों को थाना हाजत में बंद करवा दिया। जिसमें SI शत्रुघ्न पासवान, रामपरेखा सिंह, ASI संतोष पासवान, संजय सिंह और रामेश्वर उरांव शामिल थे। इनमें दो ASI SC-ST और एक आदिवासी हैं।

9 सितंबर को बिहार पुलिस एसोसिएशन के माध्यम से यह मामला सामने आया। शाम होते-होते थाना में लगे CCTV का फुटेज भी सामने आया गया था। हालांकि, उस दरम्यान SP से जब इस बारे में पूछा गया तो वो अपने उपर लगे आरोपों को खारिज कर गए थे। एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने इस मामले में सरकारी नियमों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच करोन की मांग की थी। उन्होंने सबसे पहले SP को ही नवादा से हटाने की मांग कर दी थी।

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