नक्सलियों चंगुल से छूटकर आए युवक ने जो आपबीती सुनाई, वह आपके रौंगटे खड़ा कर देगा, 48 घंटे तक घने जंगलों में कैद रहा दीपक

नक्सलियों चंगुल से छूटकर आए युवक ने जो आपबीती सुनाई, वह आपके रौंगटे खड़ा कर देगा, 48 घंटे तक घने जंगलों में कैद रहा दीपक

LAKHISARAI : पुलिस के दवाब में नक्सलियों ने अपहृत युवक को छोड़ दिया है। इस घटना का सामने करने के बाद पीड़ित युवक अपने घर पहुंच गया है, जहां उसने अपहरण की घटना से लेकर नक्सलियों के बीच रहने और छोड़े जाने की पूरी कहानी बयां की है। घटना से खौफजदा युवक दीपक ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वह अपने घर पर मौजूद था, इसी दौरान कुछ लोग पिता जी को खोजते हुए पहुंचे। जब पिताजी नहीं मिले तो उन्होंने मुझे पकड़ लिया और हथियार के बल पर जबरन अपने साथ लेकर गए। 

सात घंटे तक पैदल चलाया, घने जंगल में रखा

युवक ने बताया कि अपहरण के बाद उन्होंने मुझे ढंक दिया और लगभग सात घंटे तक पैदल चलवाया। वह मुझे कहां  लेकर गए, इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। पीड़ित युवक ने बताया कि उन लोगों ने कई बार मेरी पिटाई की। युवक ने बताया कि उन्होंने मेरी इतनी पिटाई की कि कुछ भी ढंग से खाना भी मुश्किल हो गया। घने जंगलों में कुछ भी पता नहीं चल रहा था। दीपक ने बताया कि उनकी संख्या कितनी थी, यह भी पता नहीं चल पा रहा था, हर वक्त दो लोग हथियार लेकर मेरे बगल में खड़े रहते थे। उन्होंने मेरे हाथ पैर भी बांध दिए थे। हर वक्त डर की स्थिति बनी हुई थी। वह लोग क्या बात कर रहे थे, यह भी पता नहीं चल पा रहा था, क्योंकि वह लोग हमेशा धीमी आवाज में बात करते थे। 

कजरा गांव के पहाड़ पर छोड़ा, कहा, पीछे मुड़े तो गोली मार देंगे
लगभग दो दिन तक नक्सलियों के कब्जे में रहनेवाले दीपक ने बताया कि बीती रात लगभग 10 - 11 बजे के आसपास नक्सली एक पहाड़ के पास लेकर गए और कहा कि यहां से पैदल चले जाओ। पीछे मुड़कर मत देखना, वर्ना गोली मार देंगे। दीपक ने बताया कि वह बिना पीछे मुड़े सीधे भागते हुए गांव में पहुंच गया। रात अधिक होने के कारण कोई भी नजर नहीं आ रहा था। किसी तरह एक बाइक वाला नजर आया,जिसकी सहायता से पास में आयोजित एक भोज भात के कार्यक्रम में पहुंचा। वहां से स्टेशन का पता पूछकर गया। स्टेशन पर ही एक व्यक्ति से फोन मांगकर पिता को फोन किया, जिसके बाद रात को पिता लेने के लिए पहुंचे।

नक्सलियों पर पुलिस का था दबाव

बता दें दो दिन पहले पीरी बाजार थाना अंतर्गत रामपुर चौकड़ा गांव से डीलर भागवत प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार उम्र लगभग 26 वर्ष को नक्सलियों के द्वारा अपहरण कर लिया गया था। नक्सलियों ने दीपक को छोड़ने के लिए एक करोड़ रुपए फिरौती की मांग की थी। वहीं अपहरण की सूचना के बाद जिसे छुड़ाने के लिए यह कांबिंग ऑपरेशन शुरू किया गया था, जिसमें एक नक्सली पुलिस की गोली का शिकार हो गया था। वहीं कजरा पीरी जंगल को भी पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था, जिसके बाद नक्सलियों पर युवक को छोड़ने का दबाव बना हुआ था।  एएसपी अभियान अमृतेश कुमार खुद इस ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं।  


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