बिहार के इस गाँव में 400 सालों से हैं शराबबंदी, अब लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

बिहार के इस गाँव में 400 सालों से हैं शराबबंदी, अब लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ

JAMUI : बिहार में 2016 से पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू है। इसके मद्देनजर राज्य में शराब के सेवन, उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह रोक है। इसे सख्ती से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल समाज सुधार अभियान के तहत बिहार के अलग अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। जिसमें वे लोगों शराबबंदी के प्रति लोगों को जागरूक रहने की अपील कर रहे हैं। पुलिस और उत्पाद विभाग के तमाम अधिकारीयों और कर्मियों को शराबबंदी को लेकर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। इसके पहले भी बिहार में कर्पूरी ठाकुर ने शराबबंदी लागू किया था। लेकिन मात्र ढाई साल के भीतर ही उन्हें शराबबंदी को वापस लेना पड़ा था। 

इन सबके बावजूद राज्य में एक ऐसा गाँव हैं, जहाँ आज से चार सौ साल पहले से शराबबंदी है। पिछले चार सौ सालों से इस गाँव का कोई भी आदमी शराब नहीं पीता है। बिहार के जमुई जिले के इस गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता के अनुसार 400 साल से भी अधिक समय से शराबबंदी है। शराबबंदी होने के बाद इसे और बल मिला है। जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड के गंगरा गांव के लोगों ने शराबबंदी के साथ ही अब सभी तरह की नशा से मुक्ति के लिए शपथ ले ली है। 

लोगों का कहना है कि वे लोग न तो शराब का सेवन करते हैं और न ही शराब का सेवन कर किसी को गांव में आने देते हैं। दरअसल इस गांव के लोग अपने कुल देवता बाबा कोकिलचंद की पूजा करते हैं। लोगों का कहना है कि जिसने भी शराब का सेवन कर गांव में आने की कोशिश की उसका कोई न कोई नुकसान हुआ है। इसके डर से कोई भी व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करता है। 


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