बिना वर्दी के प्रशिक्षु डीएसपी को ड्यूटी पर जाना पड़ा महंगा, ग्रामीणों ने की जमकर फजीहत, विरोध में लगाये नारे

बिना वर्दी के प्रशिक्षु डीएसपी को ड्यूटी पर जाना पड़ा महंगा, ग्रामीणों ने की जमकर फजीहत, विरोध में लगाये नारे

GAYA :  जिले के मुफस्सिल पुलिस के प्रभारी थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपपी को शायद वर्दी पसंद नहीं है। वह बगैर वर्दी के ही मौका ए वारदात पर पहुंच जाते हैं। जहां उन्हें भारी जिल्लत झेलनी पड़ती है। खुद को पुलिस वाला साबित करने के लिए तमाम तर्क देने पड़ते हैं।


ताजा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जगदीशपुर में सामने आया है। जहां प्रभारी थानाध्यक्ष को भारी फजीहत झेलनी पड़ गई। बगैर वर्दी वे खुद तो पहुंचे ही साथ में एक प्रशिक्षु एसआई भी उनके साथ बगैर वर्दी के पहुंच गए। इसके बाद मारपीट करने वाले आरोपियों को पकड़ कर ले जाने लगे। इस पर गांव वाले भड़क गए और कहने लगे कि 112 को सूचना दी गई है। वही आएगा तभी ये आरोपी जाएंगे। इस पर प्रशिक्षु डीएसपी ने कहा कि हम ही थानाध्यक्ष हैं। लेकिन गांव वाले उनकी बात नहीं माने। मौके पर डीएसपी के साथ गए प्रशिक्षु एसआई सियाराम यादव गांव वाले को कहने लगे कि ये तो डीएसपी हैं न जी 112 से ज्यादा बड़ा हैं न। इस पर गांव वाले कहने लगे कि यदि आप लोग डीएसपी व दारोगा हैं तो सिविल ड्रेस में क्यों हैं। इस बात को लेकर गांव वाले जिद्द पर अड़ गए। यही नहीं मौके पर गांव वाले नारेबाजी करने लगे। कहने लगे कि ये सब चोर… है, डकैत… है और फर्जी है…। 

बगैर वर्दी के प्रभारी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार का घटनास्थल पर पहुंचने का यह मामला कोई नया नहीं है। बीते दिनों अग्निवीर योजना के विरोध में जब लड़के उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। तब भी वह बगैर वर्दी के ही पहुंच गए थे।  इधर जब इस बाबत प्रशिक्षु डीएसपी सह प्रभारी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार से मोबाइल पर बात की तो कहा कि हां जगदशीपुर में बवाल हुआ था। यह कहते हुए उन्होंने फोन काट दिया। जब दुबारा उन्हें फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।  

दरअसल जगदीशपुर में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में बीते कुछ समय से विवाद चल रहा था। गांव वालों का कहना है कि बुधवार को कुछ लोग बोलेरो और एक मोटरसाइकिल से पहुंचे और एक महिला के साथ मारपीट करने लगे। मारपीट करने वालों ने महिला के दोनों पैर तोड़ दिए। इस बात पर पूरा गांव भड़क उठा और मारपीट करने वालों को दबोच कर उनकी पिटाई करने लगे। साथ ही घटना की सूचना 112 को दी। इस बीच मुफस्सिल के प्रभारी थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी कुंदन कुमार व प्रशिक्षु एसआई सियाराम यादव दोनों ही बगैर वर्दी के दो तीन सिपाही के साथ पहुंच गए और गांव वालों से मारपीट के आरोपी को छुड़ा कर ले जाने लगे। इस पर गांव वालों ने विरोध शुरू कर दिया। वह कहने लगे कि 112 आ रहा है। वही सभी आरोपियों को लेकर जाएगा। यह कहते हुए वे पुरजोर विरोध करने लगे। फिलहाल संबंधित मामले में किसी भी पक्ष की ओर से थाने में आवेदन नहीं दिया गया है। जबकि  मुफस्सिल पुलिस ने मारपीट करने वालों की मोटरसाइकिल बोलेरो जीप कब्जे में ले ली है। 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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