सीएम नीतीश की ड्रीम योजना से जुड़े कर्मियों का अनोखा विरोध, लंबित मांगों के लिए काली पट्टी बांधकर उतरे डीआरसीसी कर्मी

सीएम नीतीश की ड्रीम योजना से जुड़े कर्मियों का अनोखा विरोध, लंबित मांगों के लिए काली पट्टी बांधकर उतरे डीआरसीसी कर्मी

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ड्रीम योजना ‘आर्थिक हल युवाओं को बल’ को क्रियान्वित करने वाले जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध जताया. बिहार राज्य सिंगल विंडो ऑपरेटर मल्टीपर्पज असिस्टेंट संघ द्वारा संविदा कर्मियों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को पूर्ण रुप से लागू करने, वेतन बढ़ोतरी, गृह जिला के आसपास के जिलों में स्थानांतरण करने से संबंधित मांगों को पूरा नहीं होने को लेकर सांकेतिक विरोध शुरू किया गया है. 

इसके तहत जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के सभी एसडब्ल्यूओ एवं एमपीए द्वारा 1 से 7 सितंबर तक काली पट्टी लगाकर अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करते हुए विरोध प्रकट किया जा रहा है. गुरुवार को कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया. संघ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश सिंह ने बताया कि इसके उपरांत भी इनकी मांगों को बिहार विकास मिशन तथा बिहार सरकार पूर्ण नहीं करती है तो सभी कर्मी सामूहिक भूख हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे.

उन्होंने कहा कि अपनी मांगों से संबंधित पत्राचार पूर्व में भी बिहार विकास मिशन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा मुख्य सचिव बिहार सरकार को किया गया है. बावजूद इसके अभी तक उक्त मांगों पर बिहार विकास मिशन द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा है. इस परिस्थिति में बिहार विकास मिशन एवं बिहार सरकार की उदासीनता से सभी कर्मी काफी निराश एवं मर्माहत हैं. 

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय के तहत अति महत्वाकांक्षी निश्चय आर्थिक हल युवाओं को बल के अंतर्गत बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम कार्यान्वयन किया जाता है. डीआरसीसी पटना के कर्मियों ने गुरुवार को अपना सांकेतिक विरोध शुरू किया. हालांकि इससे कामकाज प्रभावित नहीं हुआ. 


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