मंत्री नहीं बनाए जाने के कारण नाराजगी पर बोले उपेंद्र कुशवाहा ‘मेरे लिए पद नहीं, मिशन बड़ा है, आइडियोलॉजी बड़ी है’, वशिष्ट से की मुलाकात

मंत्री नहीं बनाए जाने के कारण नाराजगी पर बोले उपेंद्र कुशवाहा ‘मेरे लिए पद नहीं, मिशन बड़ा है, आइडियोलॉजी बड़ी है’, वशिष्ट से की मुलाकात

पटना. जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया कि वे नीतीश सरकर में मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये कहा, बिहार से बाहर होने के कारण मेरे बारे में अनेक तरह की भ्रामक एवं अनाप-शनाप खबरें प्रचारित की गई है और की जा रही है। ऐसी अनर्गल बातों को हवा देने वाले महानुभावों को यह मालूम होना चाहिए कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी पद नहीं मिलने पर उपेंद्र कुशवाहा ने नाराजगी नहीं जताई, बल्कि कई बार अपनी नाराज़गी जताने के लिए बड़े-बड़े पदों को लात जरुर मारी है। 

इतिहास गवाह है मेरे लिए पद बड़ा नहीं, मिशन बड़ा है, आइडियोलॉजी बड़ी है। और इसी आइडियोलॉजी को बर्बाद करने की हो रही साज़िश को नाकाम करने के एक खास मिशन से मैंने अपनी पार्टी का विलय जद (यू.) में करने का फैसला लिया। क्योंकि हमारे सभी साथियों का निष्कर्ष था और है कि राज्य ही नहीं पूरे देश के स्तर पर श्री नीतीश कुमार एक मात्र ऐसे कर्मठ, अनुभवी व साफ छवि के नेता हैं जिनके नेतृत्व में इस विचार धारा को बचाया व बढ़ाया जा सकता है।


अतः मैं यह बात एलानिया तौर पर कहना चाहता हूं कि आज की तारीख में पार्टी संगठन के लिए काम करना हमारे लिए सबसे बड़ा धर्म है। ऐसे में मेरा पक्ष जाने बिना मंत्री नहीं बनने पर नाराज़ होने की बात करने वाले महानुभावों, मुझ पर कृपा कीजिए, प्लीज़।

इस बीच, उपेंद्र ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाजरत पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद वशिष्ट नारायण सिंह जी से मुलाकात कर कुशलक्षेम लेते हुए। दरअसल, 16 अगस्त को हुए नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुशवाहा पटना में कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. इसके बाद से ही कहा जा रहा था कि वे मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं. 


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