सुदरी करमा के ग्रामीणों ने कर दिया चुनाव का बहिष्कार, 8 अक्टूबर को होना है मतदान, साल 2020 में भी किया था विरोध

सुदरी करमा के ग्रामीणों ने कर दिया चुनाव का बहिष्कार, 8 अक्टूबर को होना है मतदान, साल 2020 में भी किया था विरोध

AURANGABAD: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में औरंगाबाद जिले के बारूण प्रखंड में आगामी 8 नवम्बर को होनेवाले मतदान के क़ुछ दिन पहले मेह पंचायत के सदुरी करमा गांव के वोटरों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर प्रत्याशियों के हावभाव बदलकर रख दिए हैं। दरअसल इस गांव में मुद्दा विकास का ही है। 

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में भी यहां के वोटरों ने विकास नही होने की शिकायत होने पर वोट बहिष्कार की घोषणा की थी। उस वक्त शासन-प्रशासन के पहल पर यहां के वोटर मान गये थे और उन्होने चुनाव में भागीदारी निभाते हुए मतदान भी किया था। यहां के वोटर कहते है कि विधानसभा चुनाव के वक्त तो प्रशासनिक अधिकारियों और राजद के उम्मीदवार विजय कुमार सिंह उर्फ डबलू सिंह की बातों पर हमलोगों ने भरोसा कर लिया था। वोट भी डाला और डबलू सिंह विधायक भी बन गए। उनके विधायक बने एक साल हो गये लेकिन उन्होंने अपने वादे के अनुरूप अबतक गांव में एक ईंट तक नही लगाई है। वही पंचायत के मुखिया ने भी गांव में न तो गली, नाली बनवाई है, न आवास योजना, न पेंशन, न ही राशन कार्ड और न ही हेल्थ कार्ड का लाभ ग्रामीणो को दिलाया है। इतना तक कि नल जल योजना के तहत यहां बना जल मीनार भी बेकार पड़ा है। इसी वजह से उन्होने पंचायत चुनाव का समय आते ही वोट बहिष्कार की घोषणा कर दी है। गांव में नल जल योजना के वाटर टावर के ठीक नीचे दीवार पर पंचायत चुनाव बहिष्कार का बैनर ग्रामीणों ने टांग रखा है। 

वोट बहिष्कार के ऐलान के बीच पंचायत चुनाव के मैदान में कूदे विभिन्न पदों के उम्मीदवार सदुरी करमा गांव में भी वोट मांगने आ रहे है और वे वोट बहिष्कार का बैनर देख कर निराश हो रहे है। हालांकि वे विकास का आश्वासन देकर वोटरों को मनाने की कोशिश जरूर कर रहे है पर ग्रामीणों के वोट बहिष्कार के इरादे को डिगा पाने में कामयाब नही होने पर बैरंग वापस लौट जा रहे है। अब देखना यह है कि कल मतदान होता है या ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग रहते हैं।


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