पटना में पीला सोना के अवैध कारोबारियों को किसका मिल रहा संरक्षण, शीर्ष पुलिस पदाधिकारी भी नजर आ रहे बेबश

पटना में पीला सोना के अवैध कारोबारियों को किसका मिल रहा संरक्षण, शीर्ष पुलिस पदाधिकारी भी नजर आ रहे बेबश

पटना. पीला सोना यानी रेत की कालाबाजारी का ऐसा नेक्सस जिसमें न जाने कितने सफेदपोश शामिल हैं. और खासकर पुलिस की मिलीभगत के बिना इस पीले सोने का कारोबार तो संभव ही नहीं है. ऐसे में कई बार कार्रवाई की बातें भी होती हैं लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है. ऐसा ही एक बार फिर से सुनने को मिला है जब पटना जिले के शीर्ष पुलिस कप्तान की ओर से की गई कथित कर्रवाई भी कुछ घंटों में ही बेनतीजा हो गई. 

सूत्रों के अनुसार पीले सोने के इलाके वाले एक थानेदार ने इस अवैध कारोबार से वसूली के लिए एक टीम बना रखी है. इसमें तीन ऐसे लोग शामिल हैं जो इस अवैध कारोबार की डीलिंग पुलिस से करते हैं. हालांकि पिछले दिनों इसकी सूचना जिले के पुलिस कप्तान को मिली. उन्हें जानकारी मिली कि न सिर्फ तीन दलाल थानेदार के लिए पीले सोने के कारोबारियों से अवैध वसूली करते हैं बल्कि थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने तक में इन दलालों की अहम भूमिका रहती है. बिना इनकी रजामंदी स थानेदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. 

इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर एएसपी से एसएसपी तक की. सूत्रों के अनुसार ऐसी ही शिकायत के आधार पर शुक्रवार रात एसएसपी ने अपने स्थानीय एसटीएफ दस्ते से तीनों दलालों को उठवाया. उन्हें पटना के बाहरी इलाके से उठाया गया और पटना शहर के एक थाने में लाकर पूरी रात पूछताछ की गई. कई घंटों की पूछताछ के बाद उम्मीद थी कि उन पर नकेल कसने के लिए अब आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन शनिवार सुबह होते होते सारा माजरा ही बदल गया. 


कहा जा रहा है कि शनिवार सुबह तीनों को किसी खास के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने छोड़ दिया. जोरशोर से शुरू हुई कार्रवाई बिना किसी नतीजे के ही खत्म हो गई. एक और पीला सोना का अवैध कारोबार अपने चरम पर है तो दूसरी ओर पुलिसिया कार्रवाई दबाव और पैरवी की भेंट चढ़ते दिख रही है. अब बड़ा सवाल है कि शीर्ष पुलिस अधिकारी पर ऐसा किस शख्स का दबाव बना कि वे भी कर्रवाई करने से पीछे हट गए ? 


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