रूपेश हत्याकांड में पुलिस की थ्योरी पर पत्नी को विश्वास नहीं, कहा- किसी को बचाने की कोशिश,कहां है रोडरेज का CCTV फुटेज?

रूपेश हत्याकांड में पुलिस की थ्योरी पर पत्नी को विश्वास नहीं, कहा- किसी को बचाने की कोशिश,कहां है रोडरेज का CCTV फुटेज?

PATNA: पटना एयरपोर्ट पर इंडिगो हेड रूपेश कुमार सिंह की हत्‍या मामले का पर्दाफाश करने का दावा किया गया है। पटना एसएसपी ने रूपेश हत्याकांड पर प्रेस कांफ्रेंस किया है। पटना एसएसपी ने बताया कि 12 जनवरी की शाम 6.58 पर उनकी हत्या की गई थी। पचास से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। उनके फोन नंबर खंगाले गए। पटना एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड की मुख्य वजह रोडरेज थी। अपराधियों ने रूपेश सिंह की हत्या के लिए 4 बार प्रयास किया था। अब पुलिस इस थ्योरी पर सवाल उठने लगे हैं। रूपेश के परिजनों को भी पुलिस की ये थ्योरी पर विश्वास नहीं है। वहीं रूपेश सिंह की पत्नी नीतू सिंह ने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाई है और कहा कि किसी को बचाने की कोशिश है। 

कहां है सीसीटीवी

रूपेश की पत्नी ने कहा कि वे किसी से हाथापाई कर ही नहीं सकते थे। पुलिस की यह बात पच नहीं रही। अगर किसी से झगड़ा होती तो वे हमें या अपनी दीदी को जरूरत बताते। रूपेश की पत्नी ने कहा कि अगर रोडरेज की घटना है तो पुलिस सीसीटीवी दिखाये,कहां है सीसीटीवी?

हत्या रोड रेज के कारण हुई, यह अति चौकाने वाला-बीजेपी सांसद 

बिहार बीजेपी के राज्य सभा सांसद विवेक ठाकुर ने पुलिस की इस थ्योरी को चौंकाना वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि आज पटना पुलिस ने रूपेश हत्याकांड में खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि रूपेश सिंह की हत्या रोड रेज के कारण हुई, यह अति चौकाने वाला है। SIT ने मुख्य आरोपी को पकड़ा है। उम्मीद है बाकी बचे अपराधी भी जल्द पकड़े जाएंगे। 

पटना एसएसपी की थ्योरी जानिए

एसएसपी ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले खबर आई कि स्टैड का विवाद था। उस पर हमलोगों ने काम किया। ठेकेदारी का विवाद भी सामने आया उस पर भी जांच की गई। ऐसी सूचना आई की रूपेश जमीन के धंधे में लगे थे इसकी भी जांच की गई। पहली जानकारी आई कि 2 बाईक पर चार लोग सवार थे। सीसीटीवी फुटेज में 4 अपराधी दिखे। हमलोगों ने उसे ट्रैक किया,ट्रैकिंग में स्थानीय लोगों का सहयोग मिला,सीटीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें चार-पांच दिन लग गए। अपराधी गोली मारकर पुनाईचक से आर ब्लॉक-दीघा रोड पर चढ़े थे और इंद्रपुरी-महेशनगर इसके बाद बेली रोड होते हुए रूकनपुरा पुल पार किया। इसके बाद वे लोग गायब हो गए। तह हमें यह लगा कि अपराधी उसी इलाके के होंगे। 12 जनवरी कको दिन के तीन बजे से अपराधी वहां थे और घटना को अंजाम देने तक वहीं आसपास थे। पुनाईचक राजवंशी नगर मंदिर के पास उस दिन 2 बजकर 58 मिनट अपराधी दिखे वहां पर चाय पी थी।

एसएसपी ने बताया कि काफी जांच के बाद हमलोग इस नजीते पर पहुंचे कि हमारा जो टारगेट है वह यहीं पर है . घटना के दिन दोपहर 1:30 बजे से उस शख्स का मोबाइल बंद है . 2:30 बजे घटना के लिए चला है.इसके बाद मोबाइल रात भर बंद रहा। अगले दिन यानी 13 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे मोबाइल थोड़ी देर के लिए ऑन होता है. 13 तारीख को मोबाइल रांची में खुलता है।  इससे यह स्पष्ट हो गया कि यही आदमी हत्या में शामिल है। 

हत्या के लिए 4 बार किया था प्रयास

पटना एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया कि 12 जनवरी के पहले अपराधियों ने रूपेश सिंह की हत्या के लिए 4 बार प्रयास किये थे। लेकिन प्रयास असफल हो जा रहा था। एक बार राजवंशी नगर मंदिर के पास प्रयास किया था। पूछताछ ने उसने बताया कि उस दिन भी अगर एक मिनट देरी हो जाती तो मिशन फेल कर जाता ।

रोडरेज में हुई हत्या

एसएसपी ने बताया कि अपराधी जानते नहीं थे कि जिसकी हत्या करने वाले हैं वो कौन है। हत्या के अगले दिन अखबारों में खबर देख ये जाने कि ये हाई प्रोफाईल व्यक्ति था। अपराधी ने पूछताछ में बताया कि लोजपा कार्यालय के पास रोडरेज की घटना हुई थी। उसी वजह से इसने रूपेश सिंह की हत्या कर दी। गिरफ्तार अपराधी का नाम रितुराज है। यह पटना के आरके नगर से गिरफ्तार किया गया है। यह धनरूआ का रहने वाला है। पिलहाल यह आदर्शनगर रोड नंबर-2 में रहता है।

सगुना मोड़ पर गए सभी अपराधी

पटना एसएसपी ने बताया कि घटना के बाद सभी दानापुर की तरफ भागे। दोनों बाईक पर सवार चार अपराधी दानापुर के सगुना मोड पहुंचते हैं। इसके बाद गिरफ्तार शख्स रितुराज बाईक से उतर जाता है। इसके बाद अन्य तीनों अपराधी बाईक लेकर चले जाते हैं। रितुराज वहां ऑटो पकड़कर वापस अपने आवास पहुंच जाता है। 



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