ऐसे फहरायेंगे लाल किले पर झंडा ? नीतीश-ललन के सारे कैंडिडेट फिर से औंधे मुंह गिरे, 2017 की तरह इस बार भी MCD चुनाव में बुरी तरह से हारी JDU

ऐसे फहरायेंगे लाल किले पर झंडा ? नीतीश-ललन के सारे कैंडिडेट फिर से औंधे मुंह गिरे, 2017 की तरह इस बार भी MCD चुनाव में बुरी तरह से हारी JDU

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी जेडीयू का विस्तार चाहते हैं. पड़ोसी राज्य झारखंड से लेकर यूपी और दिल्ली में न जाने कितनी दफे जेडीयू के विस्तार की कोशिश की। लेकिन हर बार जेडीयू नेतृत्व औंधे मुंह गिर जा रहा। इस बार भी दिल्ली नगरपालिका चुनाव में वही हाल हुआ। 2017 के एमसीडी चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी का जो हाल हुआ था वही हाल आज एक बार फिर से देखने को मिला। इस बार भी नीतीश कुमार की पार्टी एमसीडी चुनाव लड़ रही थी. लेकिन सारे उम्मीदवार चारो खाने चित्त हो गए। वैसे जेडीयू के नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पीएम मेटेरियल कहने से नहीं थकते। इन दिनों नीतीश कुमार की सभा में ''देश का पीएम कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो'' के नारे भी लगते हैं. देश की राजधानी दिल्ली जहां बड़ी संख्या में बिहारी रहते हैं, वहां के लोगों ने भी नीतीश कुमार के कैंडिडेट को पसंद नहीं किया. 

हमारा PM कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो..और जेडीयू का खाता भी नहीं खुला 

दिल्ली के वोटरों ने नीतीश कुमार और ललन सिंह की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. MCD चुनाव में किस्मत आजमा रही जदयू को करार झटका लगा है. जदयू ने दिल्ली में 23 उम्मीदवार उतारे थे. रिजल्ट ऐसा निकला कि नीतीश कुमार के साऱे कैंडिडेट औंधे मुंह गिर गये। जदयू किसी भी वार्ड में जोरदार प्रदर्शन करने में नाकाम रही है. बुधवार को आए MCD चुनाव परिणाम में जहां आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलना तय हो गया है वहीं भाजपा करीब 100 सीटों पर जीत हासिल करते दिख रही है. इन सबके बीच दिल्ली में जदयू को विस्तार देने की चाहत रखने वाले नीतीश कुमार को राजधनी की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है. 

शुरूआत में ही जलवा हो जायेगा ?- श्रवण कुमार

एमसीडी चुनाव में जेडीयू की करारी हार पर सीएम नीतीश के करीबी मंत्री श्रवण कुमार का बयान आया है। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि दिल्ली में हमारा कोई पहले से कोई जनप्रतिनिधि था क्या....। हम शुरुआत कर रहे हैं, जब शुरुआत कर रहे हैं तो ऐसा मत कहिए. हम तो वहां लोगों को जोड़ने का काम करते हैं. वहां के लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं, क्या हम वहां पर कुछ कर सकते हैं. इसको लेकर हम वहां काम कर रहे हैं. हम लोगों ने नब्ज टटोलने के लिए वहां भेजा था। आप लोग चाह रहे हैं कि पहली दफे ही MCD में वहां पर हमारा जलवा हो जाए. उन्होंने कहा कि जलवा नहीं हुआ है लेकिन आगे जलवा दिखाएंगे. शुरुआत हुई है, इसकी चिंता मत करिए ,जनता हमारी भावना और काम को समझ रही है. आने वाले दिनों में वहां की जनता जरूर जलवा कायम करेगी.  

2017 में जेडीयू की हुई थी बुरी हार
वहीं, अगर 2017 की बात करें तो MCD चुनाव में जेडीयू की बुरी हार हुई थी. 2017 में पार्टी ने 272 वार्डों में से 113 अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन उसे एक पर जीत हासिल नहीं हुई थी. ये स्थिति तब भी जब सीएम नीतीश कुमार ने खुद प्रचार किया था. हालांकि, जेडीयू दिल्ली विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी है. 

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