Teacher news - पांच साल बाद फिर चर्चा में 25 जगह नौकरी करनेवाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला, जानें इस बार क्या है मामला, टेंशन में अधिकारी
Teacher news - 25 स्कूलों में एक साथ नौकरी करने और सैलरी लेनेवाली अनामिका शुक्ला एक बार फिर चर्चा में है। अनामिका के नाम पर चर्चा की शुरू होने के बाद उन अधिकारियों की टेंशन बढ़ गई है. जो इस फर्जीवाड़े से जुड़े हुए थे।

N4N DESK - पांच साल पहले यूपी में अनामिका शुक्ला का नाम सुर्खियों में था, वजह था एक अनामिका शुक्ला एक साथ 25 जिलों में नौकरी कर रही थी। यह खबर सामने आने के बाद यूपी के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था। आखिर कैसे एक महिला 25 जगह न सिर्फ नौकरी कर रही, बल्कि हर दिन हाजिरी भी बनाई जा रही है और नियमित वेतन भी उठाया जा रहा है। अब इतने साल बाद अनामिका शुक्ला फिर से ट्रेंड करने लगी हैं।
बताया जा रहा है कि यूपी के शिक्षा विभाग में आज भी कई जिलों में अनामिका शुक्ला के डॉक्यूमेंट पर कई लोग टीचर की नौकरी कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद यूपी सूचना आयोग ने इस पर कड़ा एक्शन लेने का फैसला किया है और अनामिका शुक्ला के नाम पर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे 25 फर्जी शिक्षक मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं. इतना बड़ा घोटाला उजागर होने पर शिक्षा विभाग के अफसरों के होश उड़ गए हैं।
इस घोटाले की जांच के लिए एसीबी, संयुक्त निदेशक बेसिक, वित्त एवं लेखा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को जाच का आदेश दिया गया है। इनमें वित लेखा पदाधिकारी को अनामिका के नाम पर किस प्रकार 25 लोगों को किस आधार पर वेतन दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक को उन जिलों के नाम पता करने के लिए कहा गया है, जहां अनामिका के नाम पर टीचरों की नियुक्ति की गई है। खंड एवं शिक्षा अधिकारी को पता करना है कि किन स्कूलों में यह फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो को घोटाले कैसे हुआ, इसकी जांच करने के लिए कहा है। सूचना आयोग के इस फैसले के बाद अब अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, जो इस घोटाले में शामिल रहे हैं।
पांच साल पहले हुआ था केस का खुलासा
वर्ष 2020 में अनामिका शुक्ला का नाम प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था. इस नाम पर 25 जिलों में 25 अनामिका शुक्ला ने नौकरियां पा लीं. इतना ही नहीं सभी ने 13 महीनों का मानदेय भी ले लिया. इस खुलासे के बाद प्रदेश के अलग अलग जिलों में अनामिका शुक्ला के नाम से प्राइमरी टीचर की नौकरियां करने वालों की धर पकड़ होने लगी. कासगंज के फरीदपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी अनामिका शुक्ला नाम की एक टीचर अगस्त 2018 से तैनात थीं
दूसरी अनामिका ने दिया इस्तीफा
जैसे ही इस मामले में बीएसए अंजलि अग्रवाल ने टीचर को नोटिस भेजकर प्रमाणपत्रों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए, लेकिन टीचर ने बीएसए ऑफिस पहुंचकर किसी अन्य से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद शक हुआ तो उन्हें अरेस्ट कर लिया गया. इस टीचर का असली नाम अनामिका सिंह था, जो अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी कर रही थीं. उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये की सैलरी मिल रही थी. इस तरह उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग से एक करोड़ रुपये की सैलरी उठाई.
कौन हैं अनामिका शुक्ला
अनामिका शुक्ला मूल रूप से मैनपुरी जिले के हसनपुर की निवासी थीं। उन पर एक साथ 25 जिलों में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगा था. वह एक साथ 25 जिलों में अलग अलग स्कूलों में काम करती रहीं और किसी को भनक नहीं लगी. इसका खुलासा तब हुआ, जब बेसिक शिक्षा विभाग ने टीचर्स का डाटाबेस बनाया और उसमें एक जैसा नाम आने पर विभाग ने इसके जांच के आदेश दिए. जिसके बाद विभाग की जांच में यह सामने आया कि अनामिका शुक्ला को प्रदेश के 25 अलग अलग स्कूलों में नियोजित किया गया था। हर जगह उनके खाते में सैलरी भी आती थी। जब विभाग ने रिकॉर्ड अपलोड किया तो पाया कि अनामिका शुक्ला का नाम एक ही शैक्षणिक रिकॉर्ड के साथ 25 स्कूलों में दर्ज था। वह प्रयागराज अलीगढ़ समेत अमेठी, अंबेडकरनगर, रायबरेली आदि जिलों में एक टीचर के रूप में रजिस्टर्ड थीं
कहां से की थी पढ़ाई
अनामिका शुक्ला भले ही मैनपुरी की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई लिखाई गोंडा से हुई. उन्होंने हाईस्कूल से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई गोंडा से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने अंबेडकरनगर में प्रोफेशनल कोर्स किया