LATEST NEWS

6 Years Of Pulwama Terror Attack: 40 जवानों की आहुति से दहला था देश, कई मां के लाल तो कई के सुहाग तो कई बहनों की राखी आतंकी हमलों में छीन गई थी...जानिए क्या है कहानी

6 Years Of Pulwama Terror Attack: पुलवामा आतंकी हमले का आज 6 साल पूरे हो गए हैं। इस घटना का पीड़ा आज भी देशवासियों के जेहन में जिंदा। आइए जानते है इस घटना के बाद भारत ने क्या किया था...

6 Years Of Pulwama Terror Attack
6 Years Of Pulwama Terror Attack - फोटो : social media

6 Years Of Pulwama Terror Attack:  14 फरवरी 2019 के तारीख इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गया। भारत इस दिन को कभी नहीं भूल सकता है। आज इस घटना के 6 साल पूरे हो गए हैं और  इस घटना का दर्द आज भी लोगों के दिलों में ताजा है। आज पुलवामा आंतकी हमले के 6 साल पूरे हो गए हैं। आज के दिन 40 जवान शहीद हो गए थे। इस दर्दनाक घटना ने देशभर के लोगों की नींद उड़ा दी थी। दरअसल, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-नेशनल हाईवे पर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अवंतीपोरा के गोरीपोरा के पास एक कार काफिले में शामिल बसों के पास से गुजरने लगी। जवानों ने कार सवार को कई बार काफिले से दूर रहने के लिए चेतावनी दी, लेकिन उसने इन्हें अनदेखा कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता कार ने काफिले में शामिल बस में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद एक भीषण विस्फोट हुआ। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए।

कैसे हुआ पुलवामा हमला?

यह आतंकी हमला 14 फरवरी 2019 को श्रीनगर-नेशनल हाईवे पर अवंतीपोरा के गोरीपोरा में हुआ था। उस समय सीआरपीएफ के काफिले में 60 से अधिक सैन्य वाहन थे, जिनमें लगभग 2547 जवान मौजूद थे। हमले में इस्तेमाल की गई कार विस्फोटक सामग्री से भरी हुई थी और टक्कर के बाद इतना शक्तिशाली धमाका हुआ कि इसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद पूरा क्षेत्र आग और धुएं से घिर गया था और हमले में 40 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

जैश-ए-मोहम्मद ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस भीषण हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि कई बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इस कायराना हरकत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया और लोगों की आंखें नम कर दीं। इसके बाद पूरे देश की नजरें जवाबी कार्रवाई पर थीं।

भारत की जवाबी कार्रवाई- बालाकोट एयरस्ट्राइक

हमले के ठीक 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 की रात भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। भारतीय वायुसेना के विमानों ने आतंकियों के ठिकानों पर लगभग एक हजार किलो बम गिराए। जिसमें करीब 300 आतंकी मारे गए। इस ऑपरेशन को 'बालाकोट एयरस्ट्राइक' के नाम से जाना जाता है और इसे इतनी गोपनीयता से अंजाम दिया गया कि पाकिस्तान को इसकी भनक तक नहीं लगी।

विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की वीरता

बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भारत के मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान ने पाकिस्तान के एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया। हालांकि, इस ऑपरेशन में मिग-21 विमान क्षतिग्रस्त होकर पाकिस्तानी सीमा में गिरा और पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बना लिया। लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत की कूटनीतिक सफलता के कारण 1 मार्च 2019 को पाकिस्तान ने अभिनंदन को रिहा कर दिया। उनकी बहादुरी और साहस को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने उन्हें 'वीर चक्र' से नवाजा।

पुलवामा हमला- कभी न भूलने वाली घटना

पुलवामा आतंकी हमला न केवल भारत के लिए एक दुखद घटना थी, बल्कि इसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को और अधिक सशक्त और एकजुट किया। इस हमले में शहीद हुए जवानों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता, और यह दिन हमें उनके बलिदान की याद दिलाता है। आज, पुलवामा हमले के 6 साल पूरे होने पर, हम शहीदों को नमन करते हैं और उनके साहस और समर्पण को सलाम करते हैं।

Editor's Picks