झारखंड भर्ती घोटाला: सोनम वांगचुक ने अनशनकारी से की खास बातचीत, हेमंत सोरेन सरकार की बढ़ी मुश्किलें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की और उनसे कम से कम पानी पीने की अपील की।

harkhand Hunger Striker- फोटो : news4nation

Jharkhand Hunger Strike : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की और उनसे कम से कम पानी पीने की अपील की। वांगचुक की सलाह मानते हुए महतो ने अपने अनशन के चौथे दिन पानी ग्रहण किया। देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे हैं। 


वहीं, मंगलवार रात से जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले पांच अन्य प्रदर्शनकारी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसके साथ ही अनशनकारियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। प्रदर्शनकारी 25 जुलाई से 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में व्यापक सुधार करने तथा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की स्वतंत्र समिति से कराने की मांग कर रहे हैं। सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने बताया कि आंदोलन को और तेज करने के लिए जल्द ही कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें छात्रों की मांगों के समर्थन में 'तिरंगा मार्च' निकालने पर फैसला लिया जाएगा।


अनशन पर बैठी सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही, इसलिए उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने कहा कि मुख्यमंत्री छात्रों के अभिभावक की तरह हैं और उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय और ठोस कार्रवाई चाहिए। 


इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और उचित समय पर उनकी मांगों पर फैसला लिया जाएगा। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय कुमार ने हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने, जेपीएससी के अधिकारियों को हटाने और हाल में हुई परीक्षाओं के परिणाम रद्द करने की मांग की है।


गौरतलब है कि भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड पुलिस की सीआईडी अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच जेपीएससी ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था। मामले की जांच के तहत सीआईडी पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते से कई दौर की पूछताछ कर चुकी है और रांची समेत पांच जिलों में 18 स्थानों पर छापेमारी भी की है।