बांका श्रावणी मेला 2026: पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार के नेतृत्व में कांवरिया पथ पर 413 बिछड़े लोग अपनों से मिले, 87 मोबाइल भी बरामद

सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले 55 KM लंबे कांवरिया पथ पर स्थापित 15 सूचना केंद्र श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। अब तक 413 बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाया गया है और खोए हुए 87 मोबाइल व ₹30,982 नकद राशि सुरक्षित उनके मालिकों को लौटाई गई है।

सुल्तानगंज से देवघर कांवरिया यात्रा प्रशासन हर कदम पर साथ- फोटो : Reporter

सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरिया श्रद्धालु बांका जिले की सीमा में लगभग 55 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हैं। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और लंबी यात्रा के कारण कई बार यात्री अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार बांका के निर्देश पर पूरे कांवरिया पथ पर 15 अत्याधुनिक सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके प्रचारक दिन-रात 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं।


खोए हुए सामान को वापस दिलाने में पुलिस और अधिकारियों की तत्परता

सूचना केंद्रों के प्रचारक न केवल श्रद्धालुओं को मिला रहे हैं, बल्कि यात्रा के दौरान खोए हुए सामान की तलाश में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिला नियंत्रण कक्ष, प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस बल की मदद से श्रद्धालुओं के खोए हुए बैग, मोबाइल और नकदी को सुरक्षित खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा रहा है।

सूचना केंद्रों के प्रयास से अपनों से मिले कई बिछड़े श्रद्धालु

23 अगस्त 2026 तक विभिन्न सूचना केंद्रों के माध्यम से कई परिजनों को आपस में मिलाया गया। सुईयां सूचना केंद्र ने बेगूसराय की सुशीला देवी को उनके परिवार से मिलाया, शिवलोक केंद्र ने दानापुर की शांति देवी को अपनों तक पहुंचाया, जबकि भैरवपूर्ण केंद्र ने झारखंड के विनय कुमार को मिलाया। इसके अलावा जलेबिया मोड़ केंद्र से झारखंड के जितेंद्र तुड़ी व कटिहार की खुशी कुमारी तथा टंकेश्वर केंद्र से उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) के अशोक राजभर को उनकी माता सरस्वती राजभर से सकुशल मिलाया गया।


परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, जिला प्रशासन का जताया आभार

बिछड़े हुए प्रियजनों से दोबारा मिलने पर श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और खुशी की स्पष्ट झलक देखने को मिली। अपनों को वापस पाकर भावुक हुए श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने बांका जिला प्रशासन की इस मानवीय पहल, त्वरित कार्यशैली और 24×7 सहायता व्यवस्था के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

बांका जिला प्रशासन की कांवरिया श्रद्धालुओं से विशेष अपील

जिला प्रशासन, बांका ने सभी कांवरियों से यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से परिजनों के साथ रहने, भीड़भाड़ में बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं का विशेष ध्यान रखने तथा आवश्यक सामान व दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। किसी अनजान व्यक्ति को अपना सामान न सौंपने की सलाह दी गई है।


आपात स्थिति में निकटतम सूचना केंद्र या नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि यात्रा के क्रम में कोई परिजन बिछड़ जाए या सामान गुम हो जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालु तुरंत नजदीकी सूचना केंद्र या जिला नियंत्रण कक्ष में इसकी जानकारी दें। वहां तैनात प्रचारक, दंडाधिकारी और पुलिस बल हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

23 अगस्त 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट: सेवा और सुरक्षा के आंकड़े

मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ की निगरानी के लिए 22 अस्थाई थाने और वाहनों के लिए 22 पार्किंग स्थल क्रियाशील हैं। प्रशासन द्वारा जारी ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार:

  • बरामद मोबाइल: श्रद्धालुओं के खोए 87 मोबाइल फोन खोजकर वापस किए गए।

  • खोए बैग/झोले: यात्रियों के छूटे हुए 48 बैग/झोले और 12 अन्य सामान बरामद किए गए।

  • नकद राशि: रिकवर किए गए ₹30,982 नकद उनके असली मालिकों को सुपुर्द किए गए।

  • मिलाए गए व्यक्ति: बिछड़े हुए कुल 413 व्यक्तियों (बच्चों व वृद्धों) को उनके परिजनों से सकुशल मिलाया गया।


  • आपकी सावधानी, आपकी सुरक्षा: प्रशासन हर कदम पर साथ

जिला प्रशासन, बांका का उद्देश्य श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुखद बनाना है। "आपकी सावधानी, आपकी सुरक्षा" के संकल्प के साथ बांका प्रशासन कांवरिया पथ पर निरंतर सेवा में समर्पित है।