खाकी पर बड़ा आरोप : आचरण प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के लिए रिश्वत की मांग, मना करने पर थप्पड मारने का दावा

बेगूसराय जिले के मंझौल थाने में एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर वेरिफिकेशन के नाम पर 500 रुपये रिश्वत मांगने और मना करने पर गाली-गलौज व मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है,,,,,

मंझोल थाना, बेगूसराय (फाइल फोटो)- फोटो : धीरज परासर

Begusarai : जिले से एक गंभीर खबर सामने आई है। जहां मंझौल थाना क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली (PDS) फॉर्म के लिए चरित्र (आचरण) प्रमाण पत्र बनवाने गए एक शिक्षित युवक को पुलिसिया प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पीड़ित युवक ने मंझौल थाने के पुलिसकर्मियों पर वेरिफिकेशन के नाम पर 500 रुपये रिश्वत मांगने, गाली-गलौज करने और बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन सौंपकर थाने में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की गुहार लगाई है।


100 रुपये से शुरू हुई डिमांड 500 रुपये तक पहुंची, विरोध करने पर दी केस में फंसाने की धमकी

लिखित शिकायत के अनुसार, मंझौल के मिसरी निवासी शिकायतकर्ता शशि कांत गुप्ता को 4 जून 2026 को थाने से फोन कर आचरण प्रमाण पत्र के भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए बुलाया गया था। युवक का आरोप है कि जब वह थाने पहुंचा, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले 100 रुपये, फिर 200 रुपये और अंत में 500 रुपये की अवैध मांग की। जब युवक ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया, तो पुलिसकर्मी आगबबूला हो गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे कई थप्पड़ जड़ दिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर पुलिस ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।


महिला पुलिसकर्मी का नेम प्लेट था गायब, पीड़ित कर रहा TRE-4 की तैयारी

पीड़ित शशि कांत गुप्ता ने अपने आवेदन में एक और गंभीर विसंगति का उल्लेख किया है। उसने बताया कि मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी की नेम प्लेट किसी चीज से ढकी हुई थी, ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके। पीड़ित युवक ने बताया कि वह CTET और STET जैसी कठिन शिक्षक पात्रता परीक्षाएं पास कर चुका है और वर्तमान में आगामी TRE-4 (शिक्षक नियुक्ति परीक्षा) की तैयारी कर रहा है। एक योग्य शिक्षक अभ्यर्थी के साथ थाने के भीतर हुए इस तरह के अमानवीय व्यवहार को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


सीसीटीवी फुटेज खंगालने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पीड़ित ने वरीय पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि 4 जून को थाने के भीतर घटित हुई इस पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पीड़ित का कहना है कि कानून के रखवालों द्वारा ही इस तरह का कानून विरोधी कृत्य और मारपीट करना बेहद निंदनीय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में जल्द ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



धीरज परासर की रिपोर्ट