Bihar Education: शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन! गया के इन स्कूलों पर लगेगा ताला, ₹1 लाख जुर्माना भी
Bihar Education: बिहार के गया जिले में शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। 3 दिन में ऐसे स्कूलों की सूची तैयार होगी। जानें नए नियम, जुर्माना और अभिभावकों के लिए जारी चेतावनी।
Bihar Education: बिहार में शिक्षा विभाग बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसी क्रम में गया जिले में जिला शिक्षा कार्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों की पहचान कर तीन दिनों के भीतर उनकी सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं।
शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) गौरव राज ने सभी बीईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना मान्यता चल रहे निजी विद्यालयों की पहचान कर जल्द रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन ऐसे विद्यालयों में कराते हैं, जिन्हें सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है तो भविष्य में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी गई है कि किसी भी स्कूल में प्रवेश कराने से पहले उसकी मान्यता की जानकारी अवश्य जांच लें।
निजी विद्यालयों को मान्यता के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि
शिक्षा विभाग ने यह भी बताया कि बच्चों का निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) तथा बिहार राज्य बच्चों की निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली, 2011 के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए बिना किसी भी विद्यालय की स्थापना या संचालन नहीं किया जा सकता। अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत बिना मान्यता विद्यालय चलाना कानूनन अपराध माना जाता है। विभाग के अनुसार निजी विद्यालयों को मान्यता के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई थी। इस तिथि के बाद भी जो विद्यालय बिना मान्यता के संचालित पाए जाएंगे, उन्हें पूरी तरह अवैध माना जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना
नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा यदि कार्रवाई के बाद भी विद्यालय का संचालन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी वसूला जा सकता है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सख्त चेतावनी जारी की है।
आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार गया जिले में ज्ञानदीप पोर्टल पर 648 निजी विद्यालय पंजीकृत हैं, जो आरटीई के दायरे में आते हैं। वहीं, मान्यता प्राप्त करने के लिए ई-संबंधन पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा के भीतर 32 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग इन आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।