Ayodhya Temple : राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद ! कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को ठहराया जिम्मेदार, सुप्रीम कोर्ट के जज से की जांच की मांग
Ayodhya Temple : अयोध्या के रामलला मंदिर में चढ़ावे की चोरी को श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात करार देते हुए काँग्रेस नेताओं ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को जवाबदेह बताया है।
GAYAJI : अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक गलियारों में पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विश्व के करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ बड़ा विश्वासघात करार दिया है। इस गंभीर घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री को जवाबदेह ठहराया है। नेताओं का कहना है कि इतने सुरक्षित और पवित्र स्थान पर ऐसी घृणित वारदात होना प्रशासनिक और नैतिक विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी और राम प्रमोद सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस पूरे संवेदनशील मामले का स्वतः संज्ञान लें। आम जनता की आस्था से जुड़े इस बड़े खेल को उजागर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की सीधी निगरानी में एक उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेताओं ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर हेतु तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 'रामलला ट्रस्ट' का गठन किया गया था, जिसमें ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज को अध्यक्ष और अन्य सभी पीठों के शंकराचार्यों को सदस्य बनाया गया था। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री ने जानबूझकर उस पुराने ट्रस्ट को दरकिनार कर एक नए ट्रस्ट का गठन किया। इसी कारण इस नए ट्रस्ट के अंतर्गत हुई इस बड़ी चोरी की पूरी जिम्मेदारी भी प्रधानमंत्री की बनती है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से पुरजोर मांग की है कि वर्तमान में गठित 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को अविलंब भंग कर दिया जाना चाहिए। ट्रस्ट से सभी राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाए और मंदिर की पूरी कमान देश के प्रतिष्ठित साधु-संतों तथा धार्मिक क्षेत्र के सम्मानित व निष्पक्ष लोगों के हाथों में सौंपी जानी चाहिए। नेताओं ने इस बात पर भी गहरा आश्चर्य और दुख व्यक्त किया कि जिस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा खुद प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से की, वहां हज़ारों करोड़ रुपये के चढ़ावे की लूट पर वे अब तक पूरी तरह चुप क्यों हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि दर्ज मुकदमे में केवल छोटे और निचले स्तर के कर्मचारियों को मोहरा बनाकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ट्रस्ट के रसूखदार लोगों और बड़े अधिकारियों की मिलीभगत या सीसीटीवी (CCTV) कैमरे जानबूझकर बंद किए बिना इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देना मुमकिन है? कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि पार्टी इस अति संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक एक धारदार आवाज बुलंद करेगी और दोषियों को बेनकाब करने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।