Bihar Health News: परिवार नियोजन बना दर्द की दास्तान, बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला के शरीर पर झुलसने के निशान, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

Bihar Health News: परिवार नियोजन के तहत कराए गए बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला के शरीर पर कथित तौर पर झुलसने के निशान मिलने से अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।...

परिवार नियोजन बना दर्द की दास्तान- फोटो : social Media

Bihar Health News: गयाजी  के प्रभावती अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिवार नियोजन के तहत कराए गए बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला के शरीर पर कथित तौर पर झुलसने के निशान मिलने से अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद परिजनों में भारी नाराजगी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के तेलबिगहा निवासी संतोष कुमार ने अपनी पत्नी पार्वती देवी को बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए प्रभावती अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार को ऑपरेशन संपन्न होने के कुछ घंटे बाद ही महिला को असहनीय दर्द महसूस होने लगा। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने पार्वती की स्थिति देखी तो उसकी पीठ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर जलने जैसे निशान दिखाई दिए, जिसे देखकर परिवार के लोग सन्न रह गए।

पीड़िता के पति संतोष कुमार ने गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों को स्टरलाइज करने के बाद सुरक्षित तरीके से नहीं रखा गया। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी पत्नी को अत्यधिक गर्म ऑपरेशन टेबल पर लिटा दिया गया, जिससे शरीर के कई हिस्से झुलस गए। परिजनों का कहना है कि इलाज कराने आए थे, लेकिन अस्पताल की कथित लापरवाही ने महिला की हालत और खराब कर दी।

घटना के बाद जब परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत करने की कोशिश की तो उन्हें निराशा हाथ लगी। आरोप है कि देर शाम तक अस्पताल के उपाधीक्षक और हेल्थ मैनेजर से संपर्क नहीं हो सका। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फोन तक रिसीव नहीं किए जाने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इस रवैये ने सरकारी अस्पतालों की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।मामला तूल पकड़ने के बाद प्रभारी स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ. हेमंत कुमार देश दीपक ने जांच कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कर्तव्य में कोताही साबित होती है तो दोषी कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता, मरीजों की सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों में जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह तकनीकी चूक थी, मानवीय लापरवाही थी या फिर स्वास्थ्य तंत्र की कोई बड़ी खामी।  पीड़ित परिवार इंसाफ और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट