Bihar News : नालंदा जिला तैलिक महासभा ने 70 छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित, दानवीर भामाशाह के आदर्शों को की अपनाने की अपील

Bihar News : नालंदा जिला तैलिक महासभा के तत्वावधान में रविवार को बिहारशरीफ में 'भामाशाह सम्मान समारोह' का आयोजन बेहद गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया.....पढ़िए आगे

70 छात्र-छात्राओं को सम्मान - फोटो : RAJ

NALANDA :  नालंदा जिला तैलिक महासभा के तत्वावधान में रविवार को बिहारशरीफ में 'भामाशाह सम्मान समारोह' का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह में दानवीर भामाशाह के त्याग, राष्ट्रभक्ति, समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने तथा समाज को संगठित और शिक्षित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर समाज के 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद, समाज कल्याण मंत्री डॉ. स्वेता गुप्ता, बिहार विधानसभा के सचेतक संजीव चौरसिया, विधायक हेमनारायण साह, एमएलसी ललन सर्राफ, विधायक सुनील कुमार पिंटू, पटना की मेयर सीता साहू, शिशिर कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के लोग उपस्थित रहे।

शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम : रामचंद्र प्रसाद

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि वैश्य समाज लगातार प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल होने के बाद समाज को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिले हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके परिवार में पहले कोई विधायक या सांसद नहीं था, लेकिन पार्टी में लगातार कार्य करने के कारण उन्हें मंत्री बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आज वैश्य समाज के कई विधायक, विधान पार्षद, सांसद और पांच मंत्री हैं। समाज को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह हमेशा समाज की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

समाज की एकजुटता ही राष्ट्र को बनाएगी मजबूत

समारोह के संयोजक प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य समाज को एक सूत्र में जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करता है। दानवीर भामाशाह ने त्याग, सेवा, शिक्षा और राष्ट्रहित का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने समाज से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, युवाओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि भामाशाह केवल महान दानवीर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और लोककल्याण के प्रतीक थे। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से भामाशाह के आदर्शों को अपनाकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

बेहतर शिक्षा और नेतृत्व विकास पर दिया जोर

बिहार विधानसभा के सचेतक संजीव चौरसिया ने भामाशाह के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा राजनीति और प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, ऐसे में समाज को भी संगठित होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। जदयू के वरिष्ठ नेता संजय सर्राफ ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह जैसे आयोजन शिक्षा, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक एकता को नई दिशा देते हैं। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं।

70 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

समारोह का मुख्य आकर्षण समाज के लगभग 70 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान रहा। बीएससी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। सम्मानित विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

भामाशाह के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

समारोह में उपस्थित सभी वक्ताओं ने कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, सेवा, राष्ट्रभक्ति, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने धन और संसाधनों को समाज तथा राष्ट्र के लिए समर्पित कर यह संदेश दिया कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके परोपकार और समाज के प्रति समर्पण से होती है।कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा के व्यापक प्रसार, प्रतिभाओं के सम्मान तथा दानवीर भामाशाह के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। समारोह का समापन समाज की एकता, शिक्षा के व्यापक प्रसार, प्रतिभाओं के सम्मान तथा दानवीर भामाशाह के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में शैलेंद्र ,अवधेश मुखिया, अरुण सैनी, विनोद वर्णवाल, सुदेश, डॉ श्याम बिहारी, डॉ सचिन, वार्ड पार्षद सोनू, विनीत चौधरी, राजेश गुप्ता, अर्जुन, भूषण, धर्मेंद्र, चिंटू के साथ साथ बड़ी संख्या में समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षक, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज की रिपोर्ट