नीतीश से आशीर्वाद, फिर चुनावी मैदान में निशांत, नीरज कुमार को जिताने नवादा में NDA का शक्ति प्रदर्शन

नवादा में आयोजित कार्यक्रम में NDA के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार, संतोष कुमार सुमन, दामोदर रावत और दीपक प

Bihar MLC Election 2026 - फोटो : news4nation

Bihar MLC Election :  बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले NDA ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मंगलवार को नवादा पहुंचे। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से NDA समर्थित जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नवल किशोर यादव के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम को NDA के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इस चुनाव में खास नजर पटना स्नातक सीट पर है, जहां नीरज कुमार की जीत जदयू के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।


NDA के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी 

नवादा में आयोजित कार्यक्रम में NDA के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार, संतोष कुमार सुमन, दामोदर रावत और दीपक प्रकाश शामिल रहे। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) के सांसद डॉ. अरुण भारती, पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार सिंह सहित सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और NDA घटक दलों के जिलाध्यक्षों की मौजूदगी रही। NDA के घटक दलों के नेताओं की एकजुट मौजूदगी का मकसद दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में साझा राजनीतिक संदेश देना और मतदाताओं के बीच गठबंधन की ताकत प्रदर्शित करना है।


नीरज कुमार को मोकामा विधायक अनंत सिंह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में निशांत कुमार के लिए यह चुनाव केवल पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके राजनीतिक नेतृत्व की भी परीक्षा है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद निशांत कुमार की सक्रियता और पार्टी में उनकी भूमिका पर सबकी नजर है। नीरज कुमार को जीत दिलाने के लिए उनका मैदान में उतरना जदयू के भीतर और NDA की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेकर उतरे निशांत

नवादा और नालंदा के दौरे पर रवाना होने से पहले निशांत कुमार ने अपने पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने पिता से आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया। निशांत ने कहा कि वह नीतीश कुमार के विचारों, आदर्शों और निर्देशों का अनुसरण करते हुए बिहार की सेवा करने और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस मुलाकात को चुनावी अभियान के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। निशांत कुमार पहली बार इतने महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबले में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके प्रचार अभियान को जदयू के भविष्य के नेतृत्व और संगठनात्मक पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है।


 प्रतिष्ठा की लड़ाई  

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक टकराव ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। नीरज कुमार जदयू के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हैं। वहीं, मोकामा विधायक अनंत सिंह का उनके विरोध में उतरना जदयू के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। इस चुनाव का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के साथ नालंदा और नवादा जिले भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मतदाताओं तक पहुंच बनाने और पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए निशांत कुमार का दौरा अहम है। नालंदा और नवादा में प्रचार के जरिए जदयू अपने पारंपरिक समर्थकों को एकजुट करने और नीरज कुमार के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।


राजनीतिक तौर पर यह मुकाबला नीरज कुमार की जीत-हार से आगे बढ़कर निशांत कुमार की चुनावी रणनीति और नेतृत्व क्षमता का भी आकलन करेगा। अगर NDA प्रत्याशी जीत हासिल करते हैं, तो इसे निशांत के प्रभावी चुनावी पदार्पण और जदयू की मजबूती के रूप में पेश किया जा सकता है। वहीं, प्रतिकूल परिणाम पार्टी के लिए राजनीतिक संदेश देने वाला होगा।


निशांत के सामने दोहरी चुनौती

पटना स्नातक सीट पर जदयू की प्रतिष्ठा और निशांत कुमार के नेतृत्व की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा एक साथ जुड़ गई है। एक ओर नीरज कुमार को जीत दिलाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर अनंत सिंह के विरोध के बीच पार्टी की एकजुटता साबित करने का दबाव है। नवादा  के बाद निशांत नालंदा के बिहार शरीफ भी जाएंगे।  

अमन की रिपोर्ट