नवादा में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत भव्य रैली; गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की उठी मांग

Nawada : जिले में आज सोमवार को गौ माता के सम्मान और संरक्षण को लेकर राष्ट्रव्यापी 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह भव्य रैली शहर के साहब कोटी मंदिर से शुरू हुई और प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरते हुए लोगों को गौ सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूक किया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई इस रैली में सनातनी भक्तों ने एक स्वर में गौ माता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की मांग बुलंद की।


रैली के समापन पर कार्यकर्ताओं ने नवादा सदर एसडीओ अमित अनुराग से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से मांग की गई कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए, देश भर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और गौ संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाए जाएं। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई।


सुभाष चंद्र बोस बी ग्रेड के अध्यक्ष मनीष कुमार सिन्हा ने बीच सड़क पर ही सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी सनातनी भाई एकजुट होकर गौ माता को उनका खोया हुआ सम्मान वापस दिलाएं। सिन्हा ने बताया कि गौ रक्षा सेवा समिति का यह अभियान वर्तमान में पूरे देश में चल रहा है, जिसका उद्देश्य समाज को गौ माता के प्रति उनके नैतिक कर्तव्यों की याद दिलाना है।


इस अवसर पर मंजू गुप्ता, रजत कुमार, अनिकेत कुमार, बजरंग दल के पूर्व संयोजक दिवाकर सिंह, और विश्व हिंदू परिषद के सुबोध लाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि गौ माता केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण और कृषि की रक्षा के लिए भी अनिवार्य हैं। हिंदू जागरण मंच के नेताओं ने भी इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।


उल्लेखनीय है कि यह आयोजन देशव्यापी 'गौ सम्मान आह्वान दिवस' का हिस्सा था, जिसके तहत भारत की विभिन्न तहसीलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्य किया जा रहा है। नवादा में आयोजित यह रैली पूरी तरह अनुशासित रही, जिसने न केवल स्थानीय स्तर पर चेतना जगाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि गौ रक्षा का मुद्दा सनातनी समाज के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट